कहा कि इस मार्ग की बदहाली के जिम्मेदार आप लोग हो और इसका आरोप हम जनप्रतिनिधियों को झेलना पड़ रहा है। इसलिए आप लोग हमारे साथ इस मार्ग पर पैदल चलकर देखिए कि यहां की जनता कैसे इस मार्ग पर चलती है और उसे कितना कष्ट होता है। विधायक ने पूर्व सैनिक होने के कारण परियोजना प्रबंधक को तो छोड़ दिया लेकिन अन्य अधिकारी व ठेकेदार को पानी में ही चलवाया।
इसके बाद अधिकारियों ने कहा कि शनिवार को हर हाल में एप्रोच का मरम्मत कर दिया जाएगा। इसके बाद शनिवार को सुबह से ही मरम्मत कार्य शुरु हुआ और रात करीब 11 बजे पूरा हुआ और आवागमन प्रारम्भ हो गया। इसके बाद यूपी व बिहार दोनों राज्यों में खड़े करीब एक हजार से अधिक ट्रक चालक अपने ट्रकों को लेकर अपने अपने गंतव्यों के लिए रवाना हो गए।
रास्ते से गुजर रहे ट्रक चालक रविंद्र कुशवाहा, भरत सिंह, जवाहिर वर्मा, पुरेंद्र कुशवाहा, वीरेंद्र राम, पलट चौधरी, छट्ठू यादव आदि ने कहा कि पहली बार इतनी जल्दी मरम्मत का कार्य होते देखा है। यहां के विधायक की देन है कि इतना जल्दी हमलोगों को अपने गंतव्यों को जाने के लिए मिल रहा है।
इस बाबत एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक पंकज पवार ने कहा कि एप्रोच के मरम्मत का कार्य पूरा हो गया है और पुल से आवागमन बहाल हो चुका है। ऐसे ठेकेदार को अभी नजर रखने को कहा गया है ताकि कोई दिक्कत होने पर तुरंत मरम्मत करें।
यास तूफान का असर अभी भी बलिया जिले में बना हुआ है। चौथे दिन शनिवार को भी रुक-रुक कर रिमझिम बारिश होती रही। इसके चलते जहां जनजीवन अस्त व्यस्त है वहीं सड़कों पर बने गड्ढे में जलभराव के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एनएच 31 पर तो कई जगह जानलेवा गड्ढे बन चुके हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर बने गड्ढे में जलभराव से लोगों का आना जाना मुश्किल रहा।
लगातार बारिश से नगर के कई मार्गों पर जहां-तहां जलभराव व कीचड़ होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर शहर से गुजरे एनएच 31 पर कई जगह बने गड्ढे में जलभराव होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। एनएच 31 पर बहेरी कटहल नाला के दोनों तरफ गड्ढे हैं जिसमें जलभराव होने से लोग परेशान रहे। इसके अलावा चित्तू पांडेय चौराहा पर बने गड्ढे में भी जलभराव रहा जिससे आने-जाने वालों को परेशानी रही।