मौके पर पहुंचे अधिकारी
रेवती रेलवे स्टेशन पर पांच सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। धरने में स्टेशन बहाल करने, प्लेटफार्म नंबर एक पर रेल पटरी बिछाने, जनसुविधाएं विकसित करने संबंधित पांच सूत्रीय मांगों उठाईं।
थानाध्यक्ष रेवती रोहन राकेश सिंह और आरपीएफ पहुंची। धरनारत लोगों ने कहा कि संतोष केशरी से पहले भी यहां कई दुर्घटनाएं यहां हो चुकी हैं। कुछ दिन पहले एक महिला गिर गई थी। उसका पैर कट गया था। उपचार के बीच उसकी मौत हो गई थी।
दर्जनों गांवों के लोगों के आवागमन का रेवती रेलवे स्टेशन एक साधन है। उसे हाल्ट कर दिया गया। पहले यह पूर्ण स्टेशन था। यहां से सभी व्यवस्था हटा ली गई। प्लेटफार्म नंबर एक से रेल लाइन उखाड़ दी गई। तब से आए दिन स्टेशन पर दुर्घटनाएं हो रही हैं।
भोला ओझा के संचालन में वक्ताओं ने पहले की तरह पूर्ण स्टेशन का दर्जा बहाल करने, घायल को 20 लाख का मुआवजा देने की मांग की। कहा कि मांगे नहीं मानी गई तो यहां भी फेफाना की तरह निरंतर आंदोलन प्रारंभ होगा। तीन घंटे बाद अरविन्द गांधी के नेतृत्व में पांच सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी को सौंपा गया। लक्ष्मण पाण्डेय, राणा योगेन्द्र विक्रम सिंह मांडलू, विरेन्द्र गुप्ता, अनिल केशरी, शान्तिल गुप्ता, सुनील केशरी, महावीर तिवारी, हरे राम यादव आदि ने संबोधित किया।