मानसिक रूप से देश जरूर आजाद हुआ, लेकिन आर्थिक रूप से आज भी गुलाम है। क्योंकि हम दूसरे की आर्थिक नीतियों को देशवासियों पर थोपने का काम कर रहे हैं। नीति
निर्धारण कर्ता के अंदर देशभक्ति का होना जरूरी है। जैसे हम पर्व एक साथ मनाते हैं, उसी तरह शहीदों की शहादत को भी एकजुट होकर मनाएं। तभी एकता का संदेश मंगल की धरती से देश के कोने-कोने में पहुंचेगा। ये बातें सूबे के काबीना मंत्री अंबिका चौधरी ने शहीद मंगल पांडेय की शहादत दिवस पर नगवां में आयोजित कार्यक्रम में कही।
काबीना मंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर तथा विक्रमादित्य पांडेय ने शहीदों और सेनानियों की धरोहर को संरक्षित करने का जो रास्ता दिखाया है, हमें भी उसी रास्ते पर चलने का प्रयास करना चाहिए। पश्चिम के मोह में भारतीय संस्कृति के ऊपर सवालिया निशान खड़ा किया।
कहा कि पाश्चात्य संस्कृति से हम और अधिक पिछड़ते जा रहे हैं। कहा कि प्रदेश की समाजवादी सरकार किसानों की पीड़ा से अनजान नहीं है। बल्कि अखिलेश सरकार केंद्रीय गाइड लाइन से आगे बढ़कर किसानों की मदद करने का बीड़ा उठाया है।
स्मारक सोसाइटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी ने कहा कि शहीद मंगल पांडेय की धरती जनपद ही नहीं पूरे देश को प्रेरणा देने का काम करती है। हमें उनके बताए मार्ग पर चलने की जरूरत है।
इस मौके पर डा. रघुवंश मणि पाठक, शत्रुघभन पांडेय, डा. जनार्दन राय, रमाशंकर तिवारी, अवध बिहारी चौबे, दिनेश पांडेय, श्रीप्रकाश पांडेय, मुन्ना, लल्लू पाठक, हरिशंकर पाठक, राम विचार पांडेय, चंद्रकुमार, डा. चंदन शाहू, शिवशंकर, भगवान शंकर चौधरी, विजय आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता पारस नाथ मिश्र था संचालन स्मारक सोसाइटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी ने किया।