भाजपा से निष्कासित नेता दयाशंकर सिंह की पत्नी और बेटी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले बसपा के नेताओं की गिरफ्तारी के लिए बुधवार को बलिया बंद के आह्वान का व्यापक असर देखने को मिला। बंद का आह्वान छात्र नेताओं ने किया था, जिसे भारतीय जनता युवा मोर्चा एवं व्यापार मंडल का समर्थन प्राप्त था। ज्यादातर दूकानदारों ने अपनी मर्जी से प्रतिष्ठान बंद रखे और जिन्होंने दूकानें खोलने की कोशिश की उन्हें छात्रों ने बंद करा दिया। इसमें कही जगह दूकानदारों और बंद समर्थनों में नोकझोंक भी हुई।
भाजयुमो नेता अरुण कुमार सिंह बंटू एवं व्यापारी नेता संजीव कुमार डंपू के नेतृत्व में छात्रों ने सुबह जुलूस निकाला और बलिया की बेटी के सम्मान में दुकानें बंद रखने की अपील की। जुलूस में शामिल नेता बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती और नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। उनकी अपील पर ज्यादातर जगहों पर कारोबारियों ने स्वेच्छा से दूकानें बंद कर दीं। जहां कहीं आनाकानी की गई, वहां छात्र नेताओं ने जबरदस्ती भी की।
इसमें कई जगह कहासुनी और नोकझोंक हुई। हालांकि चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती होने के कारण कहीं ज्यादा विवाद नहीं हुआ। कसबों में भी दूकानें बंद रहीं। बंद के मद्देनजर अधिकांश स्कूलों को बंद रखा गया। कुछ अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खुले थे लेकिन माहौल को देखते हुए अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजा ही नहीं।
चौक शहीद पार्क के पास हुई सभा में नेताओं ने सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार भेदभाव बरत रही है। एक जैसे दो मुकदमों में अलग-अलग रवैया अपना रही है। दयाशंकर सिंह को गिरफ्तार करने करने के लिए जगह-जगह तलाशा जा रहा है जबकि उनकी बेटी और पत्नी के खिलाफ टिप्पणी करने वाले बसपा नेता खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दकी पर पाक्सो लगाने की मांग की।
स्वाति सिंह का अपमान मां-बहनों का अपमान है। बलिया की जनता उनको न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करती रहेगी। व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष गिरिजेश गुप्ता,जिला युवा उपाध्यक्ष संजीव वर्मा ने विचार व्यक्त किए।