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आज चूड़ामणि योग के साथ लगेगा खंडग्रास सूर्यग्रहण

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बलिया। आज यानि रविवार को आषाढ़ मास की हरि हारिणी अमावस्या को खंडग्रास सूर्यग्रहण (चूड़ामणि योग) लगेगा। यह ग्रहण दो नक्षत्रों मृगशिरा एवं आद्रा तथा दो योगों दंड एवं वृद्धि पर लगेगा। यह जानकारी ज्योतिषविद् पं.दिनेश उपाध्याय ने दी। उन्होंने बताया कि ग्रहण का स्पर्श समय दिन में 9:15 बजे, मध्य दिन में 12:09 बजे और मोक्ष दिन में 3:03बजे पर होगा। जबकि जिले में ग्रहण का स्पर्श समय दिन में 10:34 बजे, मध्य दिन में 12:20 बजे और दिन में 2:05 बजे पर मोक्ष होगा। बताया कि इस ग्रहण का सूतक शनिवार यानि 20 जून की रात्रि 10:34 से प्रारंभ हो गया है। इसके अलावा ग्रहण का प्रभाव तीन से छह माह तक दिखाई देगा। बताया कि पक्ष वृद्धि तीन शनिवार, तीन रविवार, अमावस्या का चतुर्ग्रही योग दैवी आपदा भूकंप आदि की ओर संकेत कर रहा है। जिससे आगलगी, बम विस्फोट, गृहयुद्ध और युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। पं. उपाध्याय ने बताया कि ग्रहण मिथुन राशि में लगेगा जिसके राशि स्वामी व सत संवत्सर के स्वामी बुध है। ग्रहण के दौरान बुध पश्चिम दिशा में अस्त होंगे और 11 जुलाई को उदय होंगे। जिस कारण आषाढ़ मास में वर्षा कम होगी और अनाज के भाव में वृद्धि होगी। सुखद यह है कि ग्रहण के दौरान ग्रहों के योग के कारण कोरोना का प्रभाव नहीं पड़ेगा। गुरु, शुक्र और शनि के वक्री होने से कोरोना से मुक्ति मिल सकती है।
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इन राशि के जातकों को होगा लाभ
पं. दिनेश उपाध्याय के अनुसार मेष राशि को लक्ष्मी की प्राप्ति, सिंह राशि को लाभ, कन्या राशि को सुख, मकर राशि को सौख्य का योग बनेगा। ग्रहण देखने से कोई हानि नहीं होगी। इस प्रकार वृष राशि को क्षति, मिथुन राशि को घात, कर्क राशि को हानि तुला राशि को अपमान, वृश्चिक राशि को मृत्यु तुल्य कष्ट, धनु राशि को पीडा, कुंभ राशि को चिंता तथा मीन राशि को व्यथा का योग है। इन्हें सूर्य ग्रहण नहीं देखना चाहिए।
ग्रहण दोष का ऐसे करें निवारण
पं. दिनेश उपाध्याय के अनुसार ग्रहण दोष के निवारण के लिए मेष राशि वाले जातक हनुमान जी की आराधना करें। वृषभ राशि वाले जातक कनक धारा स्तोत्र एवं श्री सूक्त का पाठ करें, मिथुन राशि वाले विष्णु सहस्र नाम या रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करें। इसके अलावा कर्क राशि वाले जातक रूद्राष्टक का पाठ जएवं ऊँ नम: शितवाय का जप करें। सिं राशि वाले जातक आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ करें। कन्या राशि वाले जातक राम रक्षा स्तोत्र एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करें, तुला राशि वाले जातक श्री सूक्त एवं कनक धारा स्तोत्र का पाठ करें। जबकि वृश्चिक राशि वाले हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करें, धनु राशि वाले जातक अपने इष्ट एवं गुरु मंत्र का जप करें। मकर राशि वाले सुन्दर काण्ड का पाठ करें एवं इष्ट देव के मंत्र का जप करें, कुम्भ राशि वाले जातक हनुमान चालीसा का पाठ करें, मीन राशि वाले जातक सुन्दर काण्ड एवं अपने इष्ट के मंत्र का जप करें ।
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