बलिया। एनएच-31 को गंगा से बचाने को लेकर बाढ़ विभाग ने कवायद तेज कर दी है। एनएचएआई के अधिकारियों का मानना है कि अगर गंगा ने विकराल रूप धारण किया तो हाईवे क्षतिग्रस्त हो सकता है। पिछले साल भी हाईवे किनारे बसे कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे लेकिन इस बार हाईवे पर असर पड़ सकता है। इसे देखते हुए 10 करोड़ रुपये से तीन स्पर निर्माण को मंजूरी मिली है। इसका निर्माण तेजी से चल रहा है और इस माह पूरा होने की उम्मीद है।
जिले में एनएच 31 की लंबाई करीब 95 किमी है। यह गंगा किनारे के गांवों से होकर गुजरा है। पिछले कई बार गंगा में आई बाढ़ का पानी एनएच 31 तक पहुंच जाता है। इससे एनएच को काफी क्षति होती है लेकिन कई जगह तो एनएच 31 के कटान की जद में आने की संभावना है। गंगा में बाढ़ आने पर पानी गंगापुर के पास एनएच 31 तक पहुंच जाता है जबकि गांवों को गंगा पहले की कटान की चपेट में ले चुकी है। इसको लेकर एनएचएआई अधिकारियों का मानना है कि गंगा ने विकराल रूप धारण किया तो हाईवे क्षतिग्रस्त हो सकता है। पिछले साल हाईवे के किनारे बसे कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे और एनएच 31 पर दबाव बढ़ गया था। इसे देखते हुए बाढ़ खंड ने एनएच को बचाने के लिए तीन स्पर निर्माण के लिए शासन को 10 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था, जो मंजूर हुआ। शासन ने स्पर निर्माण की जिम्मेदारी गोरखपुर के एक एजेंसी को दिया है। बाढ़ विभाग की देखरेख स्पर निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। बताया जाता है कि रामगढ़ के पास डेढ़ किमी की दूरी में बन रहे स्पर निर्माण का कार्य इस माह पूरा होने की उम्मीद है।
एनएच को बचाने के लिए रामगढ़ के पास तीन स्पर निर्माण का कार्य अंतिम दौर में है। गंगा में पानी बढ़ने और लगातार बारिश के चलते कार्य प्रभावित हुआ। इस महीने से कार्य पूरा कर लिया जाएगा। - संजय मिश्रा, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड, बलिया