कोतवाली क्षेत्र के कटहुरा गांव के लोगों द्वारा बुधवार को कोतवाली का घेराव करने के बाद उप पुलिस महानिरीक्षक आजमगढ़ रतन कुमार श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक अनीस अहमद अंसारी मामले की जांच करने गुरुवार को कोतवाली पहुंचे।
इस प्रकरण में एसपी ने तीन आरोपी सिपाहियों को लाइनहाजिर कर दिया। वहीं डीआईजी ने संवेदनशील तथा अति संवेदनशील गांवों का भ्रमण कर चौकन्ना रहने का निर्देश दिया।
कोतवाली क्षेत्र के कटहुरा गांव निवासी सुधीर यादव डाला छठ के दिन बुधवार की भोर में श्रीनाथ बाबा सरोवर पर अपनी बीमार व्रती मां को स्कूटी से लेने जा रहा था।
आरोप है कि श्रीनाथ बाबा चौराहे पर रसड़ा कोतवाली में तैनात कांस्टेबल सतीश चंद्र, शशिकांत एवं सौरभ पाल ने उसे रोक दिया। उसने लाख विनती की लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी।
इस दौरान पुलिस और युवक में कहासुनी हो गई। इससे नाराज पुलिसकर्मियों ने बर्बरता पूर्व लाठी से उसकी पिटाई कर कोतवाली में बंद कर दिया था।
जब इसकी जानकारी परिवार तथा ग्रामीणों को हुई तो वे कुछ सपा नेताओं के साथ रसड़ा कोतवाली पहुंचे और युवक को छोड़ने की बात कही। इसके बाद पुलिस इसमें आनाकानी करने लगी। इससे आक्रोशित ग्रामीण कोतवाली का घेराव कर पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे।
साथ ही आरोपी तीन कांस्टेबल के निलंबन तथा एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। बृहस्पतिवार को प्रकरण की जांच करने डीआईजी तथा एसपी रसड़ा कोतवाली पहुंचे।
जहां दोषी पाए जाने पर तीनों पुलिसकर्मियों को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया। वहीं डीआईजी ने मातहतों को संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील गांवों तथा बूथों का गहना से निरीक्षण करने तथा चौकसी बरतने का निर्देश दिया। कहा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।