श्रीनाथ मठ पर आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 351 जोड़े का परिणय सूत्र में बंधना एक इतिहास बना गया। एक ऐसा इतिहास जिसपर बलिया को नाज है। पूरे पूर्वांचल में इतना बड़ा समारोह न कभी किसी ने देखा था, न किसी ने पहले किया था। परिणय सूत्र में बंधते देख आसमान से ब्रह्मा, विष्णु और महेश आए हों अथवा नहीं, लेकिन पूरे इलाके के बुजुर्गो ने जरूर आशीर्वाद दिया। क्षेत्रीय लोग इन जोड़ों को आशीर्वाद देते नहीं थक रहे थे। श्रीनाथ मठ परिसर में 351 जोड़ों को परिणय सूत्र में बंधने से यह मठ भी धन्य हो गया।
धर्मशास्त्र के मुताबिक किसी भी यज्ञ अनुष्ठान को देखने के लिए भगवान स्वयं कार्यक्रम स्थल पर पहुंच जाते हैं। वैसे रसड़ा का श्रीनाथ मठ अपने आप में सिद्ध है। माना जाता है कि यहां देवताओं का वास होता है। ऐसे में इस स्थान पर हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में ब्रह्मा, विष्णु और महेश भी पहुंचने से नहीं चुके होंगे। लोगों का मनना था कि इस वैवाहिक कार्यक्रम की भव्यता को देख परिणय सूत्र में बंधे जोड़ों को आसमान से त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने भी आर्शीवाद दिए होंगे। ऐसे में यहां पर परिणय सूत्र में बंधने वाले जोड़े भाग्यशाली हैं।