बलिया। महर्षि भृगु की पावन धरती पर उनके परम शिष्य दर्दर मुनि के नाम से लगने वाला ददरी मेला इस साल 25 दिनों का होगा। नगर पालिका परिषद की तरफ से लगने वाले इस मेले की अवधि बढ़ाने पर बोर्ड की बैठक में सहमति बन गई है। अमूमन ददरी मेला हर वर्ष 15 से 20 दिनों तक आयोजित होता था।
इस बार पशु मेला काे लेकर संशय बना हुआ है। मेले में अत्याधुनिक झूले रहेंगे। इस पर लोग परिवार के साथ आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा अन्य मनोरंजन के साधन आएंगे। मेले की तैयारी में नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष व ईओ लग गए हैं। इस वर्ष पशु मेला नहीं लगने की घोषणा से पशु व्यापारियों में मायूसी देखी गई, क्योंकि दूसरे प्रांतों से आने वाली अच्छी नस्ल के पशु इस बार मेले में दिखाई नहीं पड़ेंगे। पशु मेले की भारपाई के लिए मीना बाजार को आगे बढ़ाया जाएगा। ऐसे में नपा तरफ से मेले का अवधि करीब दस दिन बढ़ा दी गई है। ऐतिहासिक ददरी मेला कार्तिक पूर्णिमा के दिन 5 नवंबर से 30 नवंबर तक होगा।
ऐतिहासिक ददरी मेला को उसकी मान्यता व पौराणिक के हिसाब से आयोजित किया गया है। लंपी बीमारी के चलते पशु मेला का आयोजन संभव नहीं हो पाएगा। ऐसे में ददरी का मीना बाजार बेहतर तरीके से लगाने की योजना बन गई है। मेला लगभग 25 दिनों तक चलेगा। - संत कुमार उर्फ मिठाई लाल, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद।