नोटबंदी के बाद से कार्ड से खरीदारी की बढ़ती संभावना को देखते हुए कारोबारियों ने स्वाइप मशीन की महत्व को पहचाना है। ऐसे में बैंक में इन दिनों करेंट अकाउंट खोलने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। बैंक अधिकारियों के माने तो 8 नवंबर के बाद से करेंट अकाउंट खेलने के लिए अन्य दिनों की तुलना में 20 से 30 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसके पीछे वजह प्रमुख वजह ये है कि करेंट एकाउंट होने पर ही बैंकों की तरफ से स्वाइप मशीन दूकानदारों को मिलेंगे।
जनपद में स्वाइप मशीन के लिए विभिन्न बैंकों में करीब चार सौ से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया है, जिसके तहत उपलब्धता के अनुसार उनको मिलना भी शुरू हो गया है। एसबीआई मुख्य शाखा के प्रबंधक संतोष कुमार का कहना है कि नोटबंदी के आदेश के बाद से स्वाइप मशीन के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। अब तक उनकी शाखा से करीब 20 मशीनें दी जा चुकी हैं। स्वाइप मशीन उन्हीं को दिया जा रहा है कि जिनका करेंट एकाउंट है। उन्होंने बताया कि कैशलेस सेवा के प्रचार प्रचार के लिए स्वीप मशीन का अहम योगदान है।
इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए बैंक की टीम नगर में घूम-घूम कर प्रचार भी कर रही है। यह दूकानदारों एवं व्यापारियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
वहीं उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अशोक गुप्ता का कहना है कि व्यापार करने के लिए करेंट एकाउंट होना फायदेमंद होता है। कैश की समस्या के मद्देनजर व्यापारी अपनी दूकानों पर स्वैप मशीन लगवा रहे हैं। इसके लिए वह स्वयं भी बैंक अधिकारियों के संपर्क में हैं तथा व्यापार मंडल के सदस्य दूकानदारों को स्वैप मशीन लगाने के प्रति प्रोत्साहित भी कर रहे हैं।