बलिया/ नरही। बेकाबू डीसीएम की चपेट में आए तीसरे घायल अखिलेश यादव (25) वर्ष की ट्रॉमा सेंटर वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं अन्य छह घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। देर रात एसपी ओमवीर सिंह दलबल के साथ अस्पताल पहुंच भर्ती घायलों से मिले और बेहतर इलाज की व्यवस्था की। उन्होंने बताया कि सागरपाली-थम्हनपुरा-बैरिया मार्ग पर कामर्शियल वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी गई हैं।
सागरपाली-थम्हनपुरा-बैरिया मार्ग पर सोमवार की शाम बाइक सवार को टक्कर मार भाग रही डीसीएम बेकाबू हो गई। उसने सड़क किनारे खड़े नौ लोगों भिखारीपुर में बिट्टू चावर (24), मनु गोंड (19), सर्वदेव गुप्ता (65), गुलशन (13), निशांत स्वरूप (25), मनु कुमार (19) निवासी अजोरपुर व अखिलेश यादव (25), हृदय नारायण यादव (35), रामदुलारी देवी (30) निवासी करंजा बाबा तर को टक्कर मार दी। इलाज के दौरान मनु गोंड व गुलशन कुमार की मौत हो गई। अखिलेश को चिकित्सक ने वाराणसी को रेफर कर दिया था, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। डीसीएम में अखिलेश की बाइक फंसने से व ग्रामीणों की घेराबंदी से चालक अनुज उपाध्याय गाड़ी रोक भागने लगा, जिसे ग्रामीणों ने दौड़ाकर पकड़ कर धुनाई करने के बाद पुलिस को सौंप दिया।
पसरा रहा मातम, सिस्टम से आक्रोशित ग्रामीण
नरहीं। हादसे के बाद भिखारीपुर, कोट, अंजोरपुर और शाहपुर बभनौली नई बस्ती में मातम पसरा है। एसपी ओमवीर सिंह के निर्देश पर भारी वाहनों के संचालन पर रोक के लिए दो होमगार्ड की ड्यूटी लगा दिया गया है। शाम कोट अंजोरपुर सड़क पर ही सब्जी मंडी लगी हुई थी, सैकड़ों लोगों की भीड़ मौजूद थी। बेकाबू ट्रक लोगों को रौदते हुए तेज रफ्तार में भाग रही थी। ग्रामीण ट्रक का पीछा करने के साथ आगे के लोगों को फोन पर कर आगाह कर रहे थे। स्थानीय ग्रामीणों में सिस्टम की लापरवाही को लेकर आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय ग्रामीणों ने दुर्घटना में घायल व मृतकों के मुआवजे की मांग की है। भिखारीपुर गांव निवासी मृतक मन्नू गोंड के पिता बब्बन गोंड ने बताया कि राजस्थान से रविवार को बेटा घर लौटा था। मृतक गुलशन (12) गर्मी की छुट्टी में आया था।
मुआवजा व सरकारी नौकरी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया चक्का जाम
नरहीं। सागरपाली बैरिया थम्हनपुरा मार्ग पर डीसीएम से भिखारीपुर में गुलशन (13) व मन्नू गोंड के मौत के बाद मंगलवार की शाम को आक्रोशित ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय के सामने सड़क पर शव रखकर जाम कर दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी व आवासीय पट्टा तथा सागरपाली व बैरिया में लोहे की बैरिकेडिंग लगाया जाए। एसडीएम आत्रेय मिश्रा के आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ। इसके बाद परिजनों ने शव को गांव के सामने गंगा तट पर अंतिम संस्कार किया। इस दौरान घंटे भर तक मार्ग पर आवागमन बाधित रहा। इस मौके पर नरही थानाध्यक्ष नदीम अहमद फरीदी, फेफना एसओ के अलावा भारी पुलिस बल मौजूद रहे।