बलिया। शादी विवाह का सीजन शुरू होते ही महानगरों से आने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें यात्रियों से ठसाठस भरकर आ रही हैं।
रेलवे स्टेशन से दिल्ली, मुंबई, गुजरात, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान, दक्षिण भारत, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि महानगरों को चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों में वेटिंग 140 से 200 तक है। एसी कोच में नो रूम है। बलिया से लोकमान्य तिलक जाने वाली कामायनी एक्सप्रेस में 22 जून तक जगह नहीं है। स्लीपर में वेटिंग 102, थर्ड एसी 33, सेकंड एसी में 10 वेटिंग है। पवन एक्सप्रेस में नो रूम दिखा रहा है। बलिया- दादर स्पेशल में स्लीपर 40, थर्ड एसी में आठ व सेकंड एसी तीन वेटिंग है। अगले 28 जून तक स्लीपर व थर्ड एसी में जगह नहीं है। बलिया- दादर स्पेशल में 20 जून को सकेंड एसी में 15 टिकट दिखा रहा है।
बलिया से दिल्ली तक 15 जून तक सभी ट्रेनों में वेटिंग 10 से 170 दिखा रहा है, स्वतंत्रता सेनानी, राजधानी एक्सप्रेस व गरीब नवाज में वेटिंग दो से 10 तक है। 16 के बाद सेकंड एसी में सीट उपलब्ध है। स्वतंत्रता सेनानी, सद्भावना एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में जून पहले सप्ताह तक तत्काल में टिकट मिल पाना संभव नहीं है। ऐसे में सहालग के चलते मजबूर होकर लोग जैसे तैसे भीषण गर्मी में सफर करने को मजबूर हो रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत स्लीपर कोचों में हो रही है।
क्योंकि यात्रियों की इतनी भीड़ है, कि लोगों को चढ़ने उतरने में दिक्कत हो रही है। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन की ओर से कई समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन कराया जा रहा है। बावजूद इसके ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। इस बाबत स्टेशन अधीक्षक सुनील सिंह ने कहा कि लगन को लेकर ट्रेनों में भीड़ चल रही है। गर्मी की छुट्टी को देखते हुए स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
पैसेंजर ट्रेनों में चढ़ने उतरने में होती है धक्का-मुक्की
रेलवे स्टेशन से छपरा- मऊ व छपरा-वाराणसी के बीच चार जोड़ी से ज्यादा पैसेंजर ट्रेनों का संचालन होता है। लगन का सीजन होने के कारण पैसेंजर ट्रेनों में भारी भीड़ चल रही है। स्टेशन पर ट्रेन पर चढ़ने के लिए व उतरने वाले यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की होती है। रेलवे स्टेशन पर प्लेटफाॅर्म संख्या एक पर छपरा से चलकर वाराणसी सीटी जाने वाली पैसेंजर ट्रेन पहुंची तो यात्रियों के उतरने के पूर्व प्लेटफाॅर्म पर खड़े लोग चढ़ने लगे, इसको लेकर धक्कामुक्की होने लगी। सुरक्षा में मुस्तैद आरपीएफ जवानों ने बीच बचाव कर महिला व बुजुर्ग यात्रियों को ट्रेन में बैठाया। सबसे ज्यादा परेशानी बोरिया में सामान लेकर चलने वालों के कारण हो रही है। गेट पर अनाज, प्याज व आलू से भरी बोरी रखने के कारण चढ़ने व उतरने वाले यात्री को परेशानी हो रही है।