बलिया। विद्यार्थियों की शैक्षिक दक्षता को परखने के लिए अब हर माह टेस्ट लिया जाएगा। टेस्ट में कोई विद्यार्थी फेल होगा तो उसकी पढ़ाई पर शिक्षक विशेष ध्यान देंगे, ताकि सुधार किया जा सके। मई के दूसरे सप्ताह में बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित टेस्ट लिया जाएगा।
जिले में 613 माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें 34 राजकीय, 92 अनुदानित और 487 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय है। विद्यालयों में एक अप्रैल से शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने नया शैक्षिक कैलेंडर जारी कर दिया है, जिसमें प्रत्येक माह विद्यार्थियों की शैक्षिक दक्षता को परखने के लिए मासिक टेस्ट कराए जाएंगे। शिक्षकों को हर माह पाठ्यक्रम को प्राथमिकता के साथ पूरा कराना होगा, ताकि तय समय पर टेस्ट संपन्न कराए जा सकें।
टेस्ट का उद्देश्य छात्रों की शिक्षा को मजबूत करना है। यदि टेस्ट में कोई छात्र फेल होता है तो उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान देन के लिए शिक्षकों को लगाया जाएगा, ताकि उनको दूसरे टेस्ट के लिए मजबूत किया जा सके। डीआईओएस देवेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि सभी शिक्षकों को इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्यों को टेस्ट कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
000
इस तरह होंगे टेस्ट
मई के द्वितीय सप्ताह में बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित टेस्ट होगा, जबकि जुलाई के अंतिम सप्ताह में वर्णनात्मक प्रश्नों पर आधारित मासिक टेस्ट आयोजित किया जाएगा। इसके बाद सितंबर के अंतिम सप्ताह में अर्द्धवार्षिक प्रयोगात्मक परीक्षाएं और अक्तूबर के दूसरे व तीसरे सप्ताह में अर्द्धवार्षिक लिखित परीक्षाएं कराई जाएंगी। शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार जनवरी 2026 के पहले सप्ताह तक पूरा पाठ्यक्रम पढ़ाया जाना है। इसके बाद जनवरी के दूसरे सप्ताह से 12वीं कक्षा की प्री-बोर्ड प्रयोगात्मक परीक्षाएं और तीसरे सप्ताह में 10वीं-12वीं की प्री-बोर्ड लिखित परीक्षाएं और नौवीं व 11वीं कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं आयोजित होंगी। फरवरी 2026 के दूसरे सप्ताह तक, नौवीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाओं के अंक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे।