सीएचसी सोनबरसा में बिजली गुल रहने से नसबंदी का कार्य ठप रहा। नसबंदी कराने आईं पांच महिलाएं बिजली के अभाव में दिनभर अस्पताल पर बैठकर अंत में वापस लौट गईं। उनकी नसबंदी नहीं हो पाई। अब उन्हें अगले मंगलवार को बुलाया गया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा में मंगलवार को नसबंदी कैंप का आयोजन किया गया था। 14 महिलाओं ने नसबंदी कराने के लिए पंजीकरण कराया था। महिलाओं की नसबंदी के दौरान ही बिजली चली गई। दो महिलाओं की नसबंदी में इन्वर्टर भी जवाब दे गए। जनरेटर में तेल नहीं होने के कारण रोशनी के अभाव में नसबंदी नहीं हो पाई। पांच महिलाएं बिना नसबंदी कराए वापस लौट गईं। पुष्पा देवी, पूनम देवी, सुमन देवी, रेखा देवी आदि ने बताया कि जेनरेटर में तेल नहीं होने के कारण उन लोगों की नसबंदी करने से चिकित्सक ने मना कर दिया। अंधेरे में ऑपरेशन नहीं हो पाएगा। जब जेनरेटर चालू कराने की मांग की गई तो ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक डाॅ. रोहन कुमार गुप्त ने बताया कि जेनरेटर में तेल ही नहीं है। अधीक्षक मौके पर नहीं है इसलिए ऑपरेशन नहीं हो पाएगा। नसबंदी कराने के लिए पंजीकरण कराने वाली महिलाएं अधिकारियों को कोसते हुए वापस लौट गईं। इस बाबत सर्जन डाॅ. रोहन गुप्ता ने कहा कि वापस गई महिलाओं की निशुल्क नसबंदी अब अगले मंगलवार को की जाएगी। प्रत्येक मंगलवार को नसबंदी होनी है।
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नई नहीं है जनरेटर बंद होने की समस्या
बैरिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा में जनरेटर की व्यवस्था तो है, लेकिन तेल के अभाव में जनरेटर चलाया नहीं जाता है। शाम ढलने के बाद अगर बिजली गुल हो गई तो अस्पताल परिसर में अंधेरा पसर जाता है। चिकित्सक किसी तरह अपने आवास पर इमरजेंसी लाइट की व्यवस्था की है। इसी से वो मरीजों का इलाज करते हैं। जरनेटर न चलने से जहां रोगियों को दिक्कत होती है वहीं, चिकित्सकों व चिकित्साकर्मियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. राजकुमार से बात की गई तो उन्होंने पहले मामले की जांच कराने फिर कुछ कहने की बात कही।