बलिया। कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने को लेकर सरकार व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चला रही है। स्कूल-कालेजों के अलावा शापिंग मालों को भी बंद करने का फरमान जारी किया गया है लेकिन बुधवार को जिलधिकारी कार्यालय के अलावा अपर जिलाधिकारी, मुख्य राजस्व अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय तथा कोषागार में बुधवार को चिराग तले अंधेरा वाली कहावत दिखी। जनपद के लोगों को जागरुक करने के साथ ही सरकार के आदेशों को अमलीजामा पहनाने का जिम्मा संभालने वाला जिलाधिकारी कार्यालय में तैनात कर्मचारी भले ही सरकारी फरमान को लागू कराने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाते है, लेकिन अमर उजाला की लाइव रिपोटिंग में कलेक्ट्रेट कर्मियों की बेचारगी भी सामने आयी,जो कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को जरुरी मास्क व सेनेटाइजर के बगैर कार्य कर रहे है, जहां रोज सैकड़ों फरियादियों का रेला लगा रहता है। ऐसे मेें यक्ष प्रश्न यह है कि कलेकट्रेट कर्मी कैसे कोरोना वायरस के संक्रमण से स्वयं का बचाव करें।
समय- पूर्वाह्न 11.30 बजे
स्थान - अपर जिलाधिकारी का कार्यालय व न्यायालय
दिन के करीब 11.30 बजे जब अमर उजाला की टीम ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अपर जिलाधिकारी रामआसरे के कार्यालय में तैनात कर्मचारियों के कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर विभागीय तैयारी व सुरक्षा के बाबत तैयारियों का जायजा लेने पहुंची तो वहां का दृश्य देख भौंचक रह गयी। इस दौरान एडीएम साहब तो अपने कमरे में नहीं मिलें अलबत्ता कार्यालय में कर्मचारी व फरियदी दोनों की उपस्थिती जरूर दिखी, लेकिन किसी के पास कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव का कोई समुचित साधन नहीं दिखा। अपर जिलाधिकारी कार्यालय के कर्मचारी कोरोना वायरस को लेकर पैदा हुए भय के वातावरण में भगवान भरोसे कार्य कर रहे है।
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समय- मध्याह्न 12.00
स्थान - जिलाधिकारी कार्यालय और कोर्ट रूम
कोरोना को लेकर जनपद वासियों को जागरूक कराने के साथ-साथ सरकारी आदेशों को अमली जामा पहनाने वाला डीएम कार्यालय भी भले ही गैरों को कोरोना वायरस से बचाव को लेकर लोगों को जागरुक करने के साथ-साथ विकास का भी जिम्मा संभाले हुए है। लेक।िन कोरोना को लेकर मचे कोहराम के बीच कलेक्ट्रेट कर्मी कोरोना से बेपरवाह बिना मास्क व सेनेटाइजर के कार्य कर रहे है। जब जिले के कलेक्ट्रर साहब के कार्यालय के यह हाल तो बाकि विभागों के कर्मचारियों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
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समय-अपराह्न 12.30 बजे
स्थान- मुख्य राजस्व अधिकारी कार्यालय
कोरोना के भय से बेपरवाह या फिर संसाधनों का अकाल या दूसरे शब्दों में कहें कि विभागीय हुक्मरानों की लापरवाही। चाहें जो भी हो लेकिन यह हकीकत है कि मुख्य राजस्व कार्यालय और न्यायालय में तैनात कर्मी बगैर मास्क और सेनेटाइजर के कार्यकर रहे है। कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विभाग द्वारा कोई व्यवस्था ही नहीं की गयी है। जबकि सबसे अधिक खतरा हमें ही है।
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समय-अपराह्न 1.00 बजे
स्थान- नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय व न्यायालय
कोराना को लेकर लोगों को जागरुक करने और बचाव के लिए मास्क व सेनेटाइजर का निरंतर प्रयोग करने की बात सरकार भले ही लगातार कर रही हो,लेकिन नगर मजिस्ट्रेट का कार्यालय इससे अनभिज्ञ व बेपरवाह है। तभी तो बुधवार की दोपहरं सिटी मजिस्ट्रेट के कार्यालय में तैनात कर्मी कोरोना से बचाव को लेकर जहां बेपरवाह दिखे तो वहीं उनकी बेचारगी भी सामने आयी। लेकिन साहब के कोप से बचने के लिए कर्मचारी खुलकर कुछ बचने के साथ ही नौकरी की दुहाई देते रहें।
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समय- अपराह्न 1.30 बजे
स्थान - कोषागार
जनपद में वित्तीय लेनदेन का केंद्र बिंदु कोषागार में तैनात कर्मी तो कोरोना को लेकर भयाक्रांत दिखें,लेकिन कोषाधिकारी द्उवारा कोई मुक्कमल इंतजाम नहीं किये जाने से जरुर क्षुब्ध दिखें। हालांकि कुछेक कर्मचारी मास्क के अभाव में सेनेटाइजर व रुमाल से काम चलाते दिखें। उनका तर्क था कि कोषागार में सबसे अधिक लोगों की आवाजाही होती है और दिनभर लोगों का तांता लगा रहता है।लेखाकार अतुल तिवारी कहते है कि जिला प्रशासन में तैनात कर्मचारियों की चिंता करने वाला कोई नहीं। कहते है कि हमें मास्क व सेनेटाइजर मुहैया कराने की किसे फिक्र है। बस किसी भी तरह कर्मचारी काम करते रहें। काम के चक्कर में भले हमें कोरोना का शिकार क्यों ना होना पड़े।
नवरात्रि में हवन होते ही कोरोना नष्ट हो जाएगा कोरोना: वरिष्ठ कोषाधिकारी
बलिया। कोषागार में तैनात कर्मियों को कोरोना से बचाव को लेकर मास्क व सेनेटाइजर उपलब्ध नहीं कराने के सवाल पर वरिष्ठ कोषाधिकारी ममता सिंह ने कहा कि कोषागार में कोरोना के संक्रमण की कोई समस्या ही नहीं है। इसलिए ऐहतियात बरतने व मास्क तथा सेनेटाइजर आदि की व्यवस्था की जरूरत ही नहीं महसूस हुई। कोरोना को लेकर उपजे भय के महौल पर वरिष्ठ कोषाधिकारी ने कहा कि कोरोना को लेकर डरने की जरुरत नहीं है। नवरात्रि में हवन होते ही कोरोना स्वत: नष्ट हो जायेगा। कोरोना को लेकर ऐहतियात बरतने और कर्मचारियों को मास्क व सेनेटाइजर के लिए मुहैया कराने व इस बाबत पत्राचार करने के सवाल पर कहा कि इसके लिए कभी जरुरत ही नहीं महसूस हुई।