बलिया। शहर से गांवों तक बिजली खंभों पर तारों का जाल होता है। अव्यवस्थित तरीके से लगे तार आए दिन हादसे का कारण भी बनते हैं। इसे लेकर विभाग की ओर से उदासीनता बरती जाती है। हालांकि अब कई गांवों में एबीसी केबल लगने से इसमें कमी आ रही है, लेकिन इसकी गति काफी धीमी है। ओवरहेड तारों के स्थान पर एबीसी केबल लगाने का कार्य चल रहा है और 317 गांवों में कार्य पूरा हो चुका है। इसके चलते, तारों के जाल में कमी आ रही है। शहर में तो अंडरग्राउंड केबल से आपूर्ति करने की तैयारी चल रही है।
जिले में दशकों पहले पोल पर ओवरहेड तार के जरिए आपूर्ति की शुरुआत की गई। शहर हो या गांव हर जगह इसी तरह की व्यवस्था रही। जैसे-जैसे समय बीतता गया, विद्युतीकरण का दायरा बढ़ता गया। कनेक्शन के समय कर्मचारी भी जैसे-तैसे पोल पर तारों को जोड़ने का काम करते रहे। इसके चलते, पोल पर तारों का जाल बन गया। इसके अलावा, शहर हो या ग्रामीण इलाका ओवरहेड तारों में जहां-तहां कटिया फंसाकर बिजली का प्रयोग करने के कारण पोल से हटकर भी तारों का जाल देखने को मिलता है, जो और ही खतरनाक होता है। कटिया के कारण स्पार्किंग से तारों के टूटने की संभावना भी रहती है लेकिन इन तारों को व्यवस्थित करने को लेकर विभाग की ओर से कभी भी कवायद नहीं की जाती। इसके चलते, लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ता है। पोल से लटके तार कई बार तो खासकर गर्मी के दिनों में गर्म होकर आपस में चिपक जाते हैं और शार्ट सर्किट होने के बाद आपूर्ति भी बाधित होती है। इतना ही नहीं, इसके चलते ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं भी होती हैं। हालांकि अब परिस्थितियां बदलने लगी हैं। करीब 10 साल पहले नगरीय क्षेत्रों में पोल पर ओवरहेड वायर के स्थान पर एबीसी (एरियल बंच कंडक्टर) केबल से आपूर्ति का प्रावधान किया गया। ओवरहेड तारों के स्थान पर नगर में अब अंडरग्राउंड केबल के जरिए आपूूर्ति करने की तैयारी चल रही है। केबल बिछाने का काम भी पूरा हो चुका है। उधर, ग्रामीण इलाकों में पुराने जर्जर ओवरहेड तारों के स्थानों पर एबीसी केबल के जरिए विद्युत आपूर्ति का काम शुरू किया गया है। इससे अब जहां तारों के जंजाल से लोगों को राहत के साथ ही दुरुस्त आपूर्ति मिलेगी। वहीं, ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं भी कम हो जाएंगी।
317 मजरों में बदले जा चुके हैं ओवरहेड तार
विभाग बिजली की आपूर्ति दुरुस्त करने को लेकर जर्जर तारों को बदलने में जुटा है। विद्युत विभाग के अधिकारियों की माने तो दशकों पुराने जर्जर तारों के आए दिन टूटने से जहां हादसे हो रहे हैं। वहीं, जहां-तहां कटिया लगाने के चलते लाइनलॉस भी हो रहा है। विभाग ने एक हजार से अधिक आबादी के 910 मजरे को चिह्नित कर कार्य शुरू किया है। हैदराबाद की संस्था एनसीसी की ओर से कार्य कराया जा रहा है। पुराने ओवरहेड विद्युत तारों को हटाकर अब एबीसी केबल लगाए जा रहे हैं। अब तक कुल 317 मजरों में कार्य पूरा कर लिया गया है।
विद्युत पोल पर ओवरहेड तारों से कनेक्शन को लेकर तारों का जंजाल हो जाता था। इसे व्यवस्थित करने के लिए समय-समय पर निर्देश भी दिए जाते हैं। शहर में तो अब जल्द ही अंडरग्राउंड केबल से आपूर्ति होगी। गांवों में भी चरणबद्ध तरीके से ओवरहेड तारों के स्थान पर एबीसी केबल लगाने का काम किया जा रहा है। - एके चौधरी, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, द्वितीय, बलिया