अस्पताल में खुली नाली से बाहर बह रही नाली। संवाद
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बलिया। जिला अस्पताल परिसर में कई जगह पर नालियों पर ढक्कन नहीं है। जाम के चलते जल का प्रवाह बाधित है। कीचड़ उफान पर है। जहां-तहां पानी का बिखराव देखने को मिल रहा है। अस्पताल में शुद्ध जल की व्यवस्था नहीं है। इसके लिए मरीजों को बोटल बंद पानी का ही सहारा है। अस्पताल में स्थित पानी टंकी की सफाई व क्लोरिनेशन और उसके स्तर को मापने का यंत्र में जंग लगे हुए है। इससे जलजनित बीमारी फैलने की आशंका है। जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर के पास की नाली बजबजा रही है। उनमें कीचड़ भरा है। जल का प्रवाह ना के बराबर है।
जिला प्रशासन द्वारा फाइलेरिया दिवस मनाया जा रहा है। जो 28 फरवरी तक चलेगा। सीएमओ द्वारा बैठक में बताया गया था कि फाइलेरिया क्वीलेक्स मच्छर से होती है। उनके लारवा गंदे और ठहरे पानी में पनपते हैं। जो मच्छर के युवा अवस्था में आकर लोगों को को डस कर फाइलेरिया जैसी बीमारी को जन्म देते हैं। फाइलेरिया के रोक थाम को 22 लाख से अधिक लोगों को दवा खिलाने के लिए कार्यक्रम चलाया जा रहा है। लेकिन फाइलेरिया को जन्म देने वाले मच्छरों के रोक थाम का सतही प्रयास नहीं किया जा रहा है।
अस्पताल की नालियों को ढकने के लिए प्रयास किया जा रहा है। नालियों की सफाई का भी काम किया जाता है। थोड़ी बहुत जो समस्या है उसे भी समय रहते ठीक कर लिया जाएगा।-डॉ. एसके यादव, सीएमएस, जिला अस्पताल।