बलिया। स्वास्थ्य विभाग भले ही रक्तदाताओं को जागरूक करने में सफल नहीं हो पा रहा है और जिला में रक्त यूनिट की काफी कमी है। 36 लाख लोगों की आबादी मात्र 10 यूनिट ब्लड के भरोसे है। इसमें नेगेटिव ग्रुप के ब्लड की स्थिति
तो और भी खराब है। नेगेटिव ग्रुपों का मात्र दो यूनिट रक्त ही जिले में मौजूद है। जिले में रक्त की निरंतर कमी को देखते हुए जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय की ओर से कालेजों में रक्दान शिविर के आयोजन की पहल की गई है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलसचिव एसएल पाल ने 15 संकुलों का गठन करते हुए रक्दान शिविरों के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी है। संकुल प्रभारियों को बीते 17 दिसंबर को पत्र जारी रजिस्ट्रार ने निर्देश दिया है कि संकुल से सम्बद्ध महाविद्यालयों को नियोजित करते हुए संकुल/नोडल महाविद्यालय अथवा अन्य सुविधाजनक महाविद्यालय केन्द्रों पर जिला प्रशासन एवं पंजीकृत ब्लड बैंक से समन्वय स्थापित करके विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन कराएं। उन्होंने रक्तदान शिविरों के आयोजनों में निरन्तरता बनाएं रखने का भी निर्देश दिया है, जिससे जनसामान्य एवं पीड़ित परिवारों को आपातकाल में विभिन्न श्रेणी/ समूहों के रक्त की उपलब्धता बनी रहे। साथ ही समय-समय पर रक्तदान शिविरों के विशेष आयोजन हेतु समय-सारणी (कैलेण्डर) जारी करने का निर्देश जारी किया है।
इन संकुलों को मिली है जिममेदारी
01. महर्षि भृगु संकुल, 02. महर्षि दर्दर संकुल, 03. बालेश्वर संकुल 04. पशुपति संकुल 05. तथागत संकुल 06. श्रीनाथ बाबा संकुल, 07. पचरूखा संकुल 08 नरहेजी संकुल 09. वृतिकूट संकुल 10. लखनेश्वर संकुल 11 अवधूतेश्वर संकुल, 12. कामेश्वर धाम संकुल, 13, कठमुक्तेश्वर सकुल 14. भवानी संकुल।
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राज्यपाल के निर्देश पर सभी महाविद्यालयों को रक्तदान शिविर का आयोजन करने और रक्तदान कराने का निर्देश जारी किया गया है। इसके लिए 14 संकुल बनाएं गए है और संकुल प्रभारियों को संबंद्धित महाविद्यालयों में शिविर संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ताकि जिले विभिन्न श्रेणियों के रक्त की कमी को दूर किया जा सकें।
एसएल पाल, कुलसचिव, जेएसीयू, बलिया।