बैरिया तहसील के हनुमान मंदिर में सोमवार को लोग एक ऐसी शादी के गवाह बने जिसमें युवक तो नेत्रहीन था, लेकिन युवती पूर्णरूपेण स्वस्थ। एक-दूसरे को प्रेम करने वाले इस जोड़े को आशीर्वाद देने उपजिलाधिकारी भी पहुंचे।
मंदिर में मौजूद लोग जहां युवती की प्रशंसा करते नहीं अघा रहे थे वहीं कुछ लोग युवक की प्रतिभा की भी तारीफ कर रहे थे। दोनों वाराणसी से उच्चा शिक्षा ग्रहण करने के अलावा नेत्रहीन और नि:शक्त बच्चों को पढ़ाते भी हैं।
बैरिया तहसील क्षेत्र के टेंगरही निवासी राणा प्रताप सिंह के पुत्र राजकुमार सिंह जन्मजात नेत्रहीन हैं। उन्होंने वाराणसी स्थित दृष्टिहीन विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद बीएचयू से एमए हिंदी में गोल्ड मेडल हासिल किया।
अब वे पीएचडी कर रहे हैं। पीएचडी पूरी होने में मौखिक परीक्षा ही शेष रह गई है। यही नहीं, राजकुमार ने मंच संचालन का भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है। दूसरी तरफ वाराणसी के साकेतनगर के रहने वाले स्वर्गीय गोविंद सिंह की पुत्री अलका सिंह पूर्णरूपेण स्वस्थ हैं।
उन्होंने वाराणसी के यूपी कालेज से बीएसडब्लू की डिग्री हासिल की है। अलका सोशल वर्कर के रूप में नेत्रहीन और नि:शक्त बच्चों को पढ़ाती हैं। कुछ माह पहले राजकुमार और अलका में प्यार हो गया।
दोनों ने अपने-अपने परिवार की सहमति से सोमवार को बैरिया तहसील प्रांगण स्थित हनुमान मंदिर में अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। इस मौके पर उपजिलाधिकारी राधेश्याम पाठक, टेंगरही के प्रधान अभय शंकर सिंह, राणा प्रताप सिंह, शिवदास यादव, टुनटुन यादव, अयोध्या सिंह, झब्बू यादव आदि ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया।