बलिया। बलिया-बैरिया एनएच-31 पर बयासी गांव के सामने गंगा नदी पर बने जनेश्वर मिश्र सेतु के उस पार बिहार साइड में सड़क निर्माण नहीं होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। भाजपा सरकार ने गंगा उस पार पुल को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण के धनराशि जारी करते हुए कार्य शुरू करा दिया है। इस मार्ग के बन जाने से पटना तक दूरी कम हो जाएगी। वहीं, लगभग 50 हजार से अधिक आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। जनेश्वर मिश्र सेतु का निर्माण 2014 में पूरा हुआ था। 2.8 किलोमीटर लंबा यह पुल गंगा नदी पर बना है। यूपी के हिस्से की सड़क का निर्माण पूरा हो गया है। इसके चालू होने से बक्सर, आरा और बलिया के बीच कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी। लोगों को बलिया सहित यूपी के अन्य हिस्सों में जाने के लिए उन्हें बक्सर होते हुए 70 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के प्रयास से बिहार के बंधे तक मार्ग को जोड़ने के लिए 3806.62 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है। इससे करीब 2.30 किमी दो लेन सड़क का निर्माण व पांच पुलिया का कार्य होगा। मिट्टी का कार्य लगभग पूरा हो गया है। लोकनिर्माण विभाग निर्माण खंड एई इं. एसके सिंह जनेश्वर मिश्र सेतु से बिहार की तरफ मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा है। अगले सत्र तक सड़क पूरी तरह से तैयार हो जाएगी। मिट्टी का कार्य पूरा कर लिया गया है। मार्ग में कुछ जगहों पर छोटे पुल का निर्माण कार्य भी होगा।
4.42 अरब की लागत से बना था पुल : जनेश्वर मिश्र सेतु की कुल प्राक्कलित राशि 4.42 अरब रुपये है। पुल की कुल लंबाई 2544 मीटर है। उत्तर दिशा में यह बलिया के पास गाजीपुर-हाजीपुर एनएच-31 को जोड़ती है, जबकि दक्षिण में यह बक्सर-कोईलवर तटबंध के नजदीक शिवपुर दियारा में मिलेगी।
70 किलोमीटर की दूरी हो जाएगी कम : यूपी के बलिया जनपद व बिहार के दियरांचल के लोगों को पुल बनने के बाद काफी सहूलियत मिलेगी। लोगों को बलिया सहित यूपी के अन्य हिस्सों में जाने के लिए उन्हें बक्सर होते हुए 70 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। मार्ग के निर्माण हो जाने से लोगों को आवागमन की कठिनाइयों से मुक्ति मिलेगी।
सेतु का इन गांव के लोगों को को मिलेगा सीधा लाभ : डुमरी, काजीपुर, बड़का सिंहनपुरा, खरहाटांड़, एकौना, सहियार, नियाजीपुर, राजपुर कला, चक्की, सिमरी, गंगौली, राजापुर, जवहीं दियर, राजपुर परसनपाह, केशोपुर, आशा पड़री, अरक, चन्दा, गायघाट, बलुआं, निमेज, नैनीजोर, महुआर, ईश्वरपुरा, चंद्रपुरा सहित सिमरी, ब्रह्मपुर व डुमरांव प्रखंड के दर्जनों गांव सीधे तौर पर लाभांवित होंगे।