पंदह। तहसील सिकंदरपुर अंतर्गत नवानगर और पंदह ब्लॉक में सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित कुल 26 केंद्रों पर प्रसव की व्यवस्था है। जिसमें नवानगर के 15 और पंदह ब्लॉक के 11 केंद्र शामिल हैं। साल 2024-25 में इन केंद्रों को 9600 संस्थागत प्रसव कराने का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन 4172 प्रसूताओं (लगभग 43 फीसदी) का ही प्रसव कराया जा सका। यानी 57 फीसदी पीछे है आंकड़ा।
सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए सरकार एड़ी चोटी का जोर लगा रही है, बावजूद स्थिति में सुधार होता नहीं दिख रहा है। चिकित्सकों और आशा बहुओं की लापरवाही से संस्थागत प्रसव में वृद्धि नहीं हो पा रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बघुड़ी सहित नवानगर ब्लॉक में कुल 15 प्रसव केंद्रों को 5345 प्रसव कराने का लक्ष्य दिया गया था पर 2479 महिलाओं का ही प्रसव इन सरकारी अस्पतालों में हो पाया। जो लक्ष्य का महज 46 प्रतिशत ही है। सीएचसी सिकंदरपुर में प्रति माह 72 के औसत से 865 प्रसव कराए गए। वहीं पीएचसी बघुड़ी का मासिक औसत 23 का रहा। शेष 13 प्रसव केंद्र सिर्फ 1330 प्रसव ही करा पाए। यानी इन केंद्रों का प्रतिमाह औसत प्रसव 9 से भी कम रहा। जबकि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए नवानगर ब्लॉक में कुल 153 आशा बहुएं तैनात हैं। यानी प्रत्येक आशा बहु का सालाना औसत 16 प्रसव का रहा। जबकि इस दरम्यान निजी नर्सिंग होम्स में यह आंकड़ा प्रतिमाह चार सौ से ऊपर का रहा।