इलाज में लापरवाही के काण बालक के हाथ गंवाने और उचित मुआवजा न मिलने से नाराज लोगों ने रविवार को जिला चिकित्सालय में कार्यरत नेत्र सहायक डा. आरके महतो के आवास को घेर लिया। लोगों का आरोप था कि वार्ड नंबर आठ निवासी सुरेंद्र साहनी के 12 वर्षीय पुत्र मुकेश का डा. महतों ने बांह टूट जाने के कारण प्लास्टर किया था, जो बाद में चलकर खराब हो गया।
22 अप्रैल को वाराणसी के लक्सा सि्थत रामकृष्ण मिशन अस्पताल में सड़ चुकी बांह को चिकित्सकों ने काटकर अलग कर दिया। तब से मुआवजा को लेकर अभिभावक डाक्टरों महतो से मिलते रहे। डाक्टर ने आश्वासन भी दिया था लेकिन रविवार को लड़के के पिता को मारकर भगा दिया गया।
बीते पांच अप्रैल को मुकेश साहनी कक्षा सात का छात्र खेलकूद में गिर गया था। जिससे उसकी बांह में चोट आ गई थी। सुरेंद्र ने बताया कि डा. महतो ने बांह पर प्लास्टर चढ़ाया। बांह में जब दर्द होने लगा तो वे उसे वाराणसी ले गए। बांह कटने के 17 दिन बाद पिता सुरेंद्र एवं मां सीमा बच्चे को लेकर मुआवजा की उम्मीद में डाक्टर के पास पहुंचे। उस समय डा. महतो ने डेढ़ लाख रुपये देने का भरोसा दिया था।
रविवार के दिन जब वे पहुंचे तो डाक्टर ने सहयोगियों के साथ उन्हें पीटकर भगा दिया। जानकारी पर सैकड़ों की संख्या में महिला तथा पुरुष डा. महतो के आवास को घेर लिया। पीड़ितों की मांग थी कि उचित मुआवजा के साथ मारपीट करने वालों पर मुकदमा दर्ज किया जाए। मौके पर स्थानीय पुलिस ने पहुंचकर लोगों को शांत कराया।