नगर से सटे मिड्ढा गांव में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी रविवार को ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस निकाला गया। यह जुलूस स्व. केदार साहू के दरवाजे से निकलकर बाजार और कारखाना होते हुए गिरवर दास बाबा की कुटी स्थित महावीर मंदिर पर पहुंचा। इसके बाद गांव का भ्रमण करते हुए काली मंदिर स्थित अखाड़े पर पहुंचा, जहां जनपद के अलावा गैर जनपद के पहलवानों ने एक से बढ़कर एक दाव दिखाया। इस दौरान विजेता पहलवानों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में निकलने वाले महावीरी झंडा जुलूस इस वर्ष भी स्व. केदार साहू के दरवाजे से निकाला गया, जो मुख्य मार्ग होते हुए बाजार पहुंचा। इसके बाद कारखाना होते हुए गिरवरदास बाबा की कुटी पर पहुंचा, जहां हनुमान मंदिर पर पूजन-अर्चन किया गया। वहां से जुलूस उठकर कारखाना, बाजार स्थित शिव मंदिर होते हुए गांव का भ्रमण कर गोरथाना के पोखरा पहुंचा। जहां शिव मंदिर पर पूजन-अर्चन करने के बाद जुलूस गांव के पूरब स्थित मां काली मंदिर पर स्थित अखाड़े पर पहुंचा।
वहां पूजन-अर्चन के बाद अखाड़े का शुभारंभ किया गया। जनपद के अलावा गैर जनपद से पधारे पहलवानों ने अपने दाव से विरोधियों को धूल चटाया। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा जय श्रीराम, जय हनुमान, हर-हर महादेव का जयघोष किया गया। इससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस दौरान गाजे-बाजे के साथ ही गोड़ऊ बाजा ने भी जुलूस की शोभा बढ़ाई। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर फेफना पुलिस तैनात रही।
इस मौके पर प्रधान तेज बहादुर ठाकुर, समाजसेवी सनक कुमार पांडेय, अनूप सिंह, विनोद सिंह, शशिभूषण सिंह, सुरेंद्र चौरसिया, संथन पांडेय, भोला गोंड, नारायण गुप्ता, लक्ष्मण, अनिल चौरसिया, मगरू ठाकुर, सुनिल वर्मा, पिंटू, उमाशंकर गोंड, रामाशंकर, चुनमुन पांडेय समेत हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।