इंदरपुर। मनरेगा अधिनियम के तहत एमआईएएस फीडिंग का कार्य अब पंचायत सहायक नहीं कर पाएंगे। शासन ने पूर्व के आदेश को संशोधित करते हुए यह जिम्मेदारी ग्राम रोजगार सेवकों को सौंपी है। ग्राम रोजगार सेवक के न होने की स्थिति में यह कार्य ग्राम पंचायत के सचिव करेंगे। इसके साथ ही जिलाधिकारी स्वविवेक से निकटस्थ ग्राम पंचायत के ग्राम रोजगार सेवक से कार्य लेने का निर्णय ले सकते हैं।
विशेष सचिव अमनदीप ने जिलाधिकारियों, जिला कार्यक्रम समन्वयकों को पत्र भेजकर कहा कि पंचायत सहायक मनरेगा अधिनियम के अंतर्गत योजित कार्मिक नहीं हैं। पंचायत सहायक के लिए मनरेगा एक्ट के तहत कार्यों के संपादन के लिए दायित्व निर्धारित नहीं है। पंचायत सहायक पंचायती राज विभाग के नियंत्रणाधीन कार्मिक हैं, जबकि ग्राम रोजगार सेवक का चयन मुख्य रूप से मनरेगा एक्ट के तहत कार्यों के संपादन के लिए किया गया है। नगरा के एपीओ मनरेगा ज्ञानेंद्र यादव का कहना है कि शासनादेश का अनुपालन अक्षरशः किया जाएगा।