भारत रत्न एवं भारतीय संविधान के शिल्पी बाबा साहेब डा. भीम राव अंबेडकर की
59वीं पुण्यतिथि शनिवार को अंबेडकर संस्थान में संकल्प दिवस के रूप में
मनाया गया। इसके बाद गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताआें ने डा. अंबेडकर की
प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
अधिवक्ता लक्ष्मी
नारायण चौहान ने डा. अंबेडकर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए
कहा कि बाबा साहब द्वारा रचित संविधान में समस्त नागरिकों को सामाजिक,
आर्थिक, राजनैतिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में समानता का अधिकार
दिया गया है।
लेकिन आज के परिवेश में भारतीय संविधान में प्रदत्त अधिकारों
से पिछड़े, अनुसूचित जाति और अन्य वर्गों के गरीब लोगों को जान बूझकर उनके
अधिकारों से वंचित रखने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि बाबा साहब की सोच
समता मूलक, धर्म निरपेक्ष समाज की स्थापना की थी।
कहा कि उनके द्वारा बताए
गए रास्ते पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस मौके पर
परमात्मानंद, प्रभुनाथ, अनिल कुमार, राजेंद्र प्रसाद, बृजेश राम, विजय
शंकर, गुलबदन, रामसेवक राम, लालजी, मनोज कुमार, किसमतिया देवी और सुशील
निगम मौजूद रहे।
अध्यक्षता डा. एस प्रताप वैद्य एवं संचालन वकील राम ने
किया।
रसड़ा संवाददाता के अनुसार डा. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि
शनिवार को सहदेव पौधरिया अंबेडकर विद्यालय मंदा पर मनाई गई। वक्ताओं ने
उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान पूर्व मंत्री घूराराम
ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। इस मौके पर डा. संतोष कुमार,
सुरेश राम, विजय शंकर, अच्छेलाल आदि मौजूद रहे।