जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत
लगाया गया। इसमें कुल 17 हजार वादों का निपटारा किया गया।
शाम तक शमन शुल्क
के रूप में कुल साढे़ चार करोड़ रुपये की वसूली की गई। इस दौरान न्यायिक
अधिकारियों के साथ ही कर्मचारी अधिवक्तागण और काफी संख्या में वादकारी
उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत की शुरूआत जिला जज ने एक दंपती द्वारा
समझौते से की। अलग-अलग जीवन व्यतीत करने के लिए एकमुश्त गुजारा भत्ता के
रूप में एक लाख 31 हजार रुपये की धनराशि दिलाई।
प्रकरण की वादी संगीता पटेल
भीमपुरा थाना क्षेत्र के मसूरिया गांव की रहने वाली है। शादी मऊ जनपद
धर्मपुर लिलहवा थाना मधुवन के मुन्ना सिंह पटेल के साथ हुई थी। वादी पति
सहित ससुराल के पांच लोगों पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराई थी।
लोक
अदालत में राजस्व के कुल 6041 वादों का निस्तारण जनपद के छह तहसीलों में
आपसी सुलह-समझौते तथा समन शुल्क के आधार पर कराया गया। कलेक्ट्रेट परिसर
स्थित एडीएम खेमपाल सिंह की अदालत में भी सैकड़ों मुकदमे का निस्तारण किया
गया। इसमें 116 मामले गुंडा एक्ट के रहे।
इसके साथ ही स्टांप वादों की
संख्या 43 रहे। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के 11 मामलों का निस्तारण कराया गया।
इस तरह कुल साढ़े चार लाख स्टांप वादों में समन शुल्क वसूला गया। जबकि
खाद्य सुरक्षा 11 मामलों में 85 हजार रुपये समन शुल्क जमा कराया गया।
इस
तरह विभिन्न अदालतों तथा बैंकों से कुल करीब चार करोड़ का शमन शुल्क वसूल
किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला जज चिंतामणि तिवारी और जिलाधिकारी
यशवंत राव, पुलिस अधीक्षक राजू बाबू सिंह ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के
चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।