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Ballia News: डेढ़ घंटे तक डॉक्टर के इंतजार में तड़पती रही छात्रा

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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरा में दर्द से तड़पती छात्र। वीडियो ग्रैब
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इंदरपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरा पर चिकित्सक के अभाव में सीने में दर्द से डेढ़ घंटे तक एक छात्रा दर्द से तड़पती रही। जब डॉक्टर पहुंचे और ऑक्सीजन लगाने की कोशिश की तो सिलिंडर खाली था।
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किसी तरह दूसरे सिलिंडर की व्यवस्था कर उपचार शुरू किया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर छात्रा को जिला चिकित्सालय रेफर करना पड़ा। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होता रहा। वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है।
बुधवार सुबह करीब नौ बजे अल्का पुत्री दिनेश कोदई कोचिंग में पढ़ रही थी, उसी दौरान अचानक सीने में दर्द होने पर कोचिंग संचालक राज पाठक ने उसे नगरा पीएचसी पर पहुंचाया। वहां चिकित्सक मौजूद नहीं थे। सूचना पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। इसकी सूचना पाकर सारथी सेवा संस्थान के संस्थापक संजीव गिरी को मिली तो उन्होंने सीएमओ का फोन मिलाया किंतु फोन नहीं उठा। इसके बाद संस्थापक ने डीएम से इसकी शिकायत की।
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इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। चिकित्सक डेढ़ घंटे बाद पहुंचे। अल्का को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी तो सिलिंडर खाली निकला। दूसरे सिलिंडर का इंतजाम कर उपचार शुरू किया जा सका। हालांकि हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सक ने छात्रा को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। सारथी सेवा संस्थान के संस्थापक का आरोप है कि नगरा पीएचसी में न समय पर डॉक्टर मिलते हैं और न ही जीवन रक्षक उपकरण दुरुस्त रहते हैं।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. बब्बन यादव का कहना है कि छात्रा को समय से ऑक्सीजन उपलब्ध करा दिया गया था। चिकित्सक भी समय से पहुंचे थे। लापरवाही का आरोप गलत है।

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10 में छह ऑक्सीजन प्लांट खराब, ताले में बंद कंसंट्रेटर मशीनें


बलिया। कोरोना संक्रमण के दौरान मरीजों की जान बचाने के लिए लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट और कंसंट्रेटर अब कबाड़ हो गए हैं। जिले में स्थापित 10 ऑक्सीजन प्लांट में से छह मरम्मत के अभाव में शोपीस बने हैं। बसंतपुर एल-1 अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का इस्तेमाल केवल मॉक ड्रिल के दौरान होने की बात सामने आई है। जिला अस्पताल के नए परिसर स्थित पीकू वार्ड को ऑक्सीजन आपूर्ति देने वाला प्लांट तीन साल बाद भी चालू नहीं हो सका। उधर, फेफना में विदेशी फंड से बना 100 बेड का बैलून अस्पताल खंडहर में तब्दील हो चुका है। वहां का सामान जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और इब्राहिमपट्टी स्थित चंद्रशेखर कैंसर अस्पताल भेज दिया गया है।
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चोरी के बाद बंद पड़ा प्लांट


बांसडीह सीएचसी के अगऊर स्थित 30 बेड के अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट मई में पार्ट्स चोरी होने के बाद से बंद है। अस्पताल में 15 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं, लेकिन वे ताले में बंद रहते हैं। चोरी गए पार्ट्स की सूची के लिए संबंधित कंपनी से संपर्क किया गया, मगर छह माह बाद भी सूची नहीं मिलने की बात बताई जा रही है।


ऑक्सीजन सिलिंडर- 456
कंसंट्रेटर मशीन - 712
ऑक्सीजन प्लांट - 10


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नगरा पीएचसी में छात्रा को सीने में दर्द की शिकायत पर भर्ती किया गया था। चिकित्सक ने पहुंचकर उपचार किया और जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन लगाई। पहला सिलिंडर खत्म होने पर दूसरा सिलिंडर लगाया गया। ऑक्सीजन न होने का आरोप गलत है। राहत नहीं मिलने पर एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। अब छात्रा की हालत ठीक है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं। -
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डॉ. अभय नारायण राय, सीएमओ, बलिया
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