जिला अस्पताल परिसर स्थित जर्जर टीबी क्लीनिक का गिर रहा छत का सिलिंग।संवाद
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बलिया। टीबी क्लीनिक की छत आए दिन टूट कर गिर रही है। काम करने वाले चिकित्सकों व कर्मचारियों में भय है। शासन ने टीबी क्लीनिक भवन को छह महीने पहले ही ध्वस्त का आदेश दिया था, लेकिन जिम्मेदारों के लापरवाही के कारण स्वास्थ्यकर्मी जर्जर भवन में ड्यूटी कर रहे हैं।
शासन की ओर से जिला अस्पताल परिसर स्थित टीबी क्लीनिक के ध्वस्तीकरण का आदेश छह महीने पहले जारी किया गया था। विभागीय लापरवाही के कारण अब तक भवन को ध्वस्त करने का टेंडर नहीं हो सका है। जर्जर भवन में ओपीडी, दवा वितरण व एक्स-रे की जांच होती है। ओपीडी में रोजाना 50 से 60 मरीज इलाज व दवा लेने के लिए आते हैं। जर्जर भवन की छत का प्लास्टर आए दिन गिरने से स्वास्थ्यकर्मी घायल हो रहे हैं।
शनिवार को कमरा संख्या दो में फार्मासिस्ट व एक अन्य कर्मचारी कार्यालय का काम निपटा रहे थे, उसी दौरान अचानक छत का प्लास्टर उनके ऊपर गिर गया। वह चिल्लाते हुए बाहर की तरफ भागे, चिल्लाने की आवाज सुन आसपास के कर्मचारी पहुंचे। कर्मचारियों ने बताया कि आए दिन छत का प्लास्टर टूट कर गिर रहा है। दो कमरे पहले से ही खाली हो गए हैं, वह इमरजेंसी के द्वितीय तल पर टीबी लैब का संचालन हो रहा है। सबसे ज्यादा खराब हालत बरसात के दिनों में होती है। किसी तरफ मजबूरन ड्यूटी करते हैं।
इस बाबत प्रभारी सीएमओ डॉक्टर विजय यादव ने कहा कि टीबी क्लीनिक को दूसरी जगह स्थानांतरण की प्रकिया चल रही है। भवन को ध्वस्त करने के लिए टेंडर पीड्ब्ल्यूडी जारी करेगा।