बलिया। यूपी बिहार के सीमा पर बैरिया तहसील के चांद दीयर में अंतरप्रांतीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) पांच हेक्टेयर भूमि पर करीब 14 करोड़ रुपये की लागत में निर्माण होने वाला है। कार्यदाई संंस्था द्वारा भूमि की बाउंड्रीवाल करवाया जा रहा है। इसी बीच रेलवे ने उक्त जमीन को अपनी बताते हुए डीएम व एसडीएम बैरिया को पत्र भेज कर जमीन की पैमाइश कराने की मांग किया है।
रेलवे 1909 के नक्शा में उक्त नंबर की जमीन को रेलवे का दिखाया जा रहा है। वर्ष 1937 में बस अड्डे व चालक ट्रेनिंग सेंटर के लिए चयनित भूमि का नंबर रेलवे की सड़क व रेलवे कंपनी के नाम से दर्ज होने का दावा रेलवे कर रहा है। रेल अधिकारियों की माने तो वर्ष 1988 में चांद दियर का सर्वे में तत्कालीन राजस्वकर्मियों ने रेलवे को बिना किसी सूचना के जमीन को ग्राम समाज के नाम से करने का आरोप लगाया। मांझी पुल के समीप जमीन खाली होने के कारण किसी को ध्यान नहीं गया।
अब 37 वर्ष बाद करीब 12 एकड भूमि में परिवहन विभाग द्वारा अंतर प्रांतीय बस अड्डे व चालक ट्रेनिंग सेंटर बनाने के लिए भूमि की बाउंड्री वाल करने की शुरूवात हुई तो रेलवे के अधिकारियों को अपनी जमीन की याद आई। पुराने कागजात निकलवाने के बाद बैरिया एसडीएम को मामले से अवगत कराते हुए उक्त जमीन रेलवे की बताते हुए बाउंड्री वाल न करने की मांग किया।
एसडीएम बैरिया ने उक्त जमीन ग्राम समाज की होने का दावा किया। स्थानीय लोगों की माने तो यह मामला वर्षो से चल रहा है। तत्कालीन एसडीएम आत्रेय मिश्र ने ग्राम समाज व रेलवे की जमीन की पैमाइश कराने का निर्देश दिया था, लेकिन खेतों में फसल लगने के कारण नहीं हो सका।