जिला लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपालों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में विभागीय अफसरों के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान विशाल जुलूस निकाल कर मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचे और मांग पत्र सौंपा।
लेखपालों ने अपर जिलाधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विकास भवन से कलेक्ट्रेट पहुंचने पर लेखपालों ने धरना दिया और सभा की।
सभा को संबोधित करते जिलाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि लेखपालों के हक पर कुठाराघात किया जा रहा है। कंप्यूटर चलाने का प्रशिक्षण दिए बिना ही कंप्यूटर पर कार्य कराया जा रहा है, जो शासन के फरमान के खिलाफ है।
रिटायरमेंट के बाद लेखपालों के जीपीएफ के 10 फीसदी का भुगतान पर विलंब किया जा रहा है। ऐसे में लेखपालों की मौत के बाद भी उस धनराशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। उनके परिवार के लोग कार्यालयों का चक्कर काटने को विवश है।
लेखपालों का स्थानांतरण गैर तहसीलों में किया गया है, जिससे राजस्व विभाग प्रभावित हो रहा है। जिन 10 लेखपालों को हाईकोर्ट के निर्देश पर बर्खास्त किया गया था। जिसमें सर्वोच्च न्यायालय में आला अधिकारियों अपना जवाब न देकर उल्टे उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कराया है जो सरासर गलत है।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि बांसडीह तहसील में लेखपाल के साथ चेक बांटने की बात को लेकर उसके साथ दुर्व्यवहार करने के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस मौके पर सर्वदेव सिंह, गौरीशंकर राम, छट्ठू यादव, रामवृक्ष चौहान, गिरिजा शंकर यादव, महेंद्र सिंह, सतीश तिवारी, विजय शंकर पांडेय, राजू श्रीवास्तव सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।