उप्र, उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रजेंटेटिव एसोसिएशन का प्रांतीय सम्मेलन विशाल जुलूस के साथ आरंभ हुआ। जिसमें विभिन्न जनपदों से आए दवा प्रतिनिधियों ने श्रमिक नीतियों की अनदेखी करने वाली सरकार के खिलाफ जमकर आवाज बुलंद की। नगर का भ्रमण करने के बाद बापू भवन टाउन हाल पहुंचे दवा प्रतिनिधियों ने सम्मेलन में भाग लिया।
टीडी कालेज चौराहे से दवा प्रतिनिधियों अपने-अपने हाथों में लाल झंडा तथा बैनर लेकर जुलूस निकाला। इस दौरान इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन, किसान, महिला, खेतिहर मजदूर व श्रमिक संगठनों ने सहभागिता की।
सभा स्थल पर 16 वें सम्मेलन का झंडात्तोलन अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने किया । इसके उपरांत स्वागत समारोह के अध्यक्ष डा. जीसी उपाध्याय के नेतृत्व में स्वागत समिति के सदस्यों ने शहीद वेदी पर माल्यार्पण किया। इस दौरान 16 मशाल जलाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि काबीना मंत्री अंबिका चौधरी का स्वागत किया गया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि दवा प्रतिनिधियों का यह सम्मेलन जनपद में पहली बार हो रहा हैं। इसका संदेश पूरे प्रदेश में जाना चाहिए। यह बागी धरती किसी भी आंदोलन का आगाज करती हैं। उन्होंने दवा प्रतिनिधियों के ज्वलंत मुद्दों को रेखांकित करते हुए कहा कि दवाओं के मूल्य आए दिन बढ़ रहे हैं।
इसके लिए समय-समय पर दवा प्रतिनिधि खुद ही आवाज उठाते रहते हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को श्रमिक नीतियों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। दवा नीति ऐसी हो जो गरीब व गुरबत में जीने वाले के लिए लाभकारी हो। इस मौके पर सम्मन मुखर्जी, फुगो चैनवेज, पीके गांगुली, केएल बजाज, भारत के 11 वें राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, जेके सिंह, अरविंद शर्मा सहित अन्य साथियों का श्रद्धांजलि दी गई।
सम्मेलन में प्रमुख रूप से आरएस वाजपेयी, प्रेमनाथ राय, राजेश पांडेय, राकेश श्रीवास्तव, डा. पीके सिंह गहलौत, डा. यूसी राम, बलवंत सिंह, सुरेंद्र सिंह, अरूण गुप्ता आदि उपस्थित रहे। साथ ही सुब्रत बनर्जी ने सभी संगठनों के प्रतिनिधियों के प्रति आभार प्रकट किया।