जयप्रकाश नगर। लॉकडाउन के बाद से ही मजदूरों का काफिला अपने जनपदों के लिए किसी भी परिस्थिति का सामना करते हुए जाने को विवश है और सिलसिल आज भी जारी है। सोमवार को भी पैदल व साइकिल से मुज्जफरपुर जाने के लिए मांझी घाट पर पहुंचा।
मुजफ्फरपुर जनपद के देवरिया कोठी गांव के मजदूर शिवपूजन महतो, रामेश्वर पंडित, शिवदास महतो, निरंजन महतो, शनि महतो, राजगिरि महतो, प्रदीप पंडित, रवि कुमार पंडित, विशेश्वर महतो ने बताया कि जौनपुर सिटी में 10 वर्षों से रहकर कन्स्ट्रक्शन कार्य करते थे। जहां हम लोग एक किराए की मकान में रहते थे। जब पहली बार लॉकडाउन लागू हुआ तो हमलोगों का काम बंद हो गया। हमलोगों को भोजन की कोई कमी नहीं थी लेकिन दूसरी बार लॉकडाउन की सूचना मिलते ही मकान मालिक ने कहा कि दो माह का किराया दे दो नहीं तो मकान जल्दी खाली कर दो। हमलोगों के पास पैसा पर्याप्त नहीं होने के कारण 15 अप्रैल को पैदल ही घर को चल दिए। बीच में एक थाने पर हम लोगों को भोजन मिला था। उसके बाद चांददीयर में एक व्यक्ति द्वारा सतुई व बिस्किट दिया गया। इसी तरह मुजफ्फरपुर के बढ़ी गांव के आठ मजदूर भोजन के अभाव में साइकिल से इलाहाबाद से अपने गांव के लिए निकल पड़े। उन्हें भी मांझी घाट पर चूड़ा, गुड़ व मॉस्क दिया गया।