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Ballia News: अवनीश के परिजनों का दर्द...अब तो श्रद्धांजलि देने भी नहीं आता कोई जिम्मेदार

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जयप्रकाश नगर क्षेत्र के सिताबदियारा के दलेल टोला निवासी कारगिल शहीद अवनीश कुमार यादव के स्मारक
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जयप्रकाश नगर। कारगिल विजय दिवस पर सिताबदियारा के दलेल टोला में कारगिल बलिदानी अवनीश कुमार यादव श्रद्धांजलि दी गई।
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परिजनों ने बलिदानी के तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। लेकिन उनकी सबसे बड़ी पीड़ा यही रही कि अब न तो कोई जनप्रतिनिधि और न ही शासन-प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी श्रद्धांजलि देने पहुंचता है। परिजनों ने बताया कि शहादत के बाद कई वर्षों तक कारगिल विजय दिवस और शहादत दिवस पर अधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी श्रद्धांजलि अर्पित करने आते थे, लेकिन अब यह परंपरा लगभग समाप्त हो चुकी है। उनका कहना है कि बेटे के बलिदान के समय किए गए बड़े-बड़े वादे भी 26 वर्ष बाद तक पूरे नहीं हो सके। शहीद के पिता एवं सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त शिवजी यादव ने कहा कि बेटे की शहादत के बाद गांव में नेताओं और अधिकारियों का तांता लगा था। उस समय शहीद की प्रतिमा, भव्य स्मारक, अस्पताल और विद्यालय का नामकरण तथा गांव के समग्र विकास सहित कई घोषणाएं की गई थीं, लेकिन अधिकांश वादे आज भी कागजों तक ही सीमित हैं।

शहीद के बड़े भाई रविंद्र यादव और योगेंद्र यादव ने कहा कि परिवार को भाई की शहादत पर गर्व है, लेकिन यह पीड़ा भी कम नहीं है कि उनके सम्मान में की गई घोषणाएं आज तक धरातल पर नहीं उतर सकीं। कारगिल के इस अमर वीर की शहादत आज भी क्षेत्र के युवाओं के लिए देशभक्ति, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बनी हुई है। कारगिल विजय दिवस पर परिजनों की नम आंखों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों के सम्मान में किए गए वादे आखिर कब पूरे होंगे।
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1999 में वीरगति को प्राप्त हुए थे अवनीश : सिताबदियारा के दलेल टोला निवासी अवनीश कुमार यादव भारतीय सेना में कार्यरत थे। कारगिल युद्ध के दौरान 4 सितंबर 1999 को दुश्मनों से बहादुरी से मुकाबला करते हुए उन्होंने वीरगति प्राप्त की।
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