बलिया। शहर के माल्देपुर से कदम चौराहे तक फोरलेन का कार्य अब अंतिम चरण में है। बहेरी कटहल नाला पर बन रहे नए पुल व एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा है। जून में पुल के साथ ही एप्रोच मार्ग भी एनएचएआई तैयार कर देगी।
इस पुल को मई माह में ही तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन बरसात में दिक्कत के कारण कार्य ठप हो गया। एप्रोच मार्ग पर गिट्टी व मिट्टी का कार्य चल रहा है। पूरब के हिस्से के एप्रोच मार्ग को तैयार कर लिया गया है। दूसरे हिस्से पर अभी कार्य शुरू नहीं हुआ है। शासन से माल्देपुर से कदम चौराहे तक एनएच-31 को फोरलेन बनाने की परियोजना पास की गई थी। इसमें कटहल नाले पर नए पुल का निर्माण कार्य भी होना था।
शासन ने पुल व एप्रोच मार्ग निर्माण के लिए 4.72 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। बरसात के दिनों में पुल के निर्माण के समय पुराने पुल का एप्रोच खिसक गया था। इसके अलावा नाले में पानी आ जाने से कार्य को रोक दिया गया था, जिसके कारण विलंब हो गया है। इधर, चौड़ीकरण के बाद माल्देपुर से कदम चौराहे तक डिवाइडर का कार्य भी लगभग पूरा होने वाला है। चित्तू पांडेय चौराहे के करीब तक डिवाइडर कार्य होना है। फोरलेन बनने के बाद शहर की जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक एसडी पाठक ने बताया कि पुल व एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्य तेजी से कराने के निर्देश दिए गए हैं। जून में फोरलेन के लिए पुल व एप्रोच मार्ग उपलब्ध हो जाएगा।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण 90 फीसदी पूरा : बांसडीह। जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल जल योजना के तहत शुद्ध पानी पहुंचाने की कोशिश युद्ध स्तर पर जारी है। जनपद के हर गांव में लगभग 90 फीसदी पाइप लगाए जा चुके हैं। बांसडीह तहसील क्षेत्र के दूधैला गांव में केंद्र सरकार की योजना जल जीवन मिशन के तहत ईगल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड की ओर से 93 हजार एमएलडी क्षमता के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण युद्ध स्तर पर चल रहा है, जो लगभग 90 फीसदी तक पूरा हो चुका है। ईगल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड के यूपी हेड मो. इजहार चौधरी ने बताया कि बाकी बचे 10 फीसदी कार्य को दो से ढाई महीने में पूरा हो जाएगा। इस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में गंगा नदी केहरपुर से पानी आएगा। यहां से इंटेकवेल में पानी आएगा। इस प्लांट से पांच ब्लॉक बलिया सदर, बांसडीह, रेवती, बैरिया, मुरली छपरा आदि में शुद्ध जल सप्लाई होगी। प्रोजेक्ट मैनेजर मो. हसनैन, चंद्रप्रकाश सिंह, अश्वनी कुमार आदि रहे। संवाद