थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर गांव के दलित बस्ती में मंगलवार की रात ढिबरी की लौ से लगी आग में एक दर्जन झोपड़ियां सहित दो खपड़ैल के मकान जलकर राख हो गए। अगलगी ने सात परिवारों से छत छीन ली। घटना में तीन लोग झुलस गए। एक बकरी भी मर गई।
रुस्तमपुर निवासी घूरा राम के घर के सभी सदस्य प्रतिदिन की भांति खाना खाने के बाद अपने मड़हे में दीपक जलाकर सो गए। इसी बीच रात में किसी कारणवश दीपक गिर गया और झोपड़ी में आग लग गई। अभी कोई कुछ समझ पाता कि आग ने विकराल रूप अख्तियार कर लिया। इसके बाद जयराम राम, घूरा राम, वीरबल कुमार राम, भोला राम, रामभजन राम, सुभाष राम की झोपड़ी भी जलने लगी।
रामभजन राम के दो खपड़ैल के मकान भी जलाकर राख हो गए। घटना में सातों परिवारों की गृहस्थी के सामान जल गए।े जयराम के पांच हजार रुपये, घूरा राम के चार हजार, वीरबल के 10 हजार, रामजन्म के 500 रुपये नकदी जल गए। जयराम की एक बकरी की जलने से मौत हो गई। आग को बुझाने में जयराम (55), भोला राम (45), योगेंद्र राम (20) झुलस गए।
आसपास के लोग तथा फायर ब्रिगेड के अथक प्रयास से किसी प्रकार घंटों बाद आग पर काबू पाया गया। सूचना पर पहुंचे लेखपाल अजीत कुमार सिंह और पुलिस ने मौका मुआयना किया।