यूपी बोर्ड परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों के केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक बुधवार को जिलाधिकारी यशवंत राव की अध्यक्षता में कुंवर सिंह इंटर कालेज के सभागार में हुई। इस दौरान डीएम ने कहा कि यदि परीक्षा के दौरान कहीं भी नकल की शिकायत पाई गई, तो सीधे प्रधानाचार्य पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी। इसके अलावा पेपर आउट करना, नकल कराने के लिए पैसे की वसूली, स्कूलाें की आपसी सेटिंग जैसी संगीन शिकायत मिली तो कानूनी कार्रवाई के साथ ही मान्यता भी खत्म कर दी जाएगी।
कहा कि परीक्षा की गरिमा को बरकरार रखें। प्राय: सुनने में आता है कि जो छात्र कहीं पास नहीं होते, उन्हें जिले में नकल कराकर पास कराया जाता है। यह विद्यालयाें के लिए शर्म की बात है। इसे रोकने की आवश्यकता है। यह समस्या वित्त विहीन विद्यालयों में ही है। इससे जिले के छात्र-छात्राओं का भविष्य खराब हो रहा है। सचेत किया कि इस बार गड़बड़ी मिली तो प्रधानाचार्य पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। नकल विहीन परीक्षा कराने में कोई बाधा डाले तो तत्काल एसडीएम या थानाध्यक्ष को सूचित करें।
कहा कि अगर किसी ने पिछले साल सरायभारती वाली घटना को दोहराने का प्रयास किया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। एसपी राजूबाबू सिंह ने कहा कि परीक्षा की शूचिता को बनाए रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण भूमिका केंद्र व्यवस्थापक की होती है।
पुलिस फोर्स आपका सहयोग करेगी। कहा कि किसी प्रकार की समस्या होने पर थाने को सूचित करें। इसके पूर्व एडीएम केपी सिंह ने केंद्र व्यवस्थापकों को उनके दायित्वों के बारे में जानकारी दी और अनुपालन को कहा। बताया कि इस वर्ष हाई स्कूल में कुल 1,07,081 परीक्षार्थी और इंटरमीडिएट में 85,434 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसके लिए 322 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के दौरान विभागीय सूचनाओं के आदान-प्रदान करने के लिए जीआईसी में परीक्षा कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इसका नंबर 8874519004 है। इसके अलावा छह सचल दल का गठन किया गया है। इसमें डीआईओएस, डायट प्राचार्य, बीएसए, जीआईसी प्रधानाचार्य, एबीएसए मुख्यालय अखिलेश झा और नगरा एबीएसए यशवंत सिंह शामिल होंगे। इस मौके पर समस्त एसडीएम, डीआईओएस शिवचंद्र राम, जीआईसी प्रधानाचार्य रामसिंह आदि मौजूद रहे।