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Ballia News: कमीशन का चक्कर... सरकार देती है 600, निजी चिकित्सक से मिलते हैं 2500

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इंदरपुर। सरकार देती है 600, निजी चिकित्सक से मिलते हैं 2500। इस कमीशन के चक्कर में आशा कार्यकर्ता प्रसूताओं को झोलाछाप के पास निजी चिकित्सालयों में भर्ती करा रही हैं। यह जच्चा-बच्चा के लिए भारी पड़ रहा है। इसका परिणाम है कि दो महीने में सात प्रसूताओं की मौत हो चुकी है।
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इंद्रौली मलकौली निवासी प्रसूता पूनम भारती की एक अपंजीकृत अस्पताल में हुई मौत के मामले में भी एक आशा कार्यकर्ता की भूमिका की जांच प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. राहुल सिंह ने शुरू कर दी है। उक्त आशा कार्यकर्ता आरोपी स्वास्तिक जच्चा-बच्चा केंद्र की संचालिका पूनम भारती की रिश्तेदार बताई जा रही है। अपंजीकृत अस्पतालों में प्रसूताओं को ले जाने पर आशा कार्यकर्ता को नकद ढाई से तीन हजार रुपये मिलते हैं।
पिछले दिनों ऐसे ही एक मामले में जिलाधिकारी ने एक आशा कार्यकर्ता की सेवा समाप्त कर दी थी। पांच महीने पहले नगरा कस्बे में संचालित एक अवैध अस्पताल में भीमपुरा थाना क्षेत्र के कसेसर निवासी संगीता (40)व पेट में ही बच्चे की मौत हो गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि आशा कार्यकर्ता के कहने पर ही डाॅ. मंजू के यहां ले गए थे। घटना के बाद महिला चिकित्सक पर एफआईआर भी दर्ज हुई थी तथा गिरफ्तारी भी हुई।
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नगरा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. राहुल सिंह ने बताया कि करनी चट्टी स्थित अवैध रूप से संचालित स्वास्तिक जच्चा-बच्चा केंद्र में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में आशा कार्यकर्ता की संलिप्तता की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर उसकी सेवा समाप्त की जाएगी। साथ ही चेतावनी दी है कि आशा कार्यकर्ता किसी भी प्रसूता को अपंजीकृत अस्पतालों में न ले जाएं।
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