मोहल्लावासियों के अनुसार, राज सिंह उर्फ चंदन बचपन से मनबढ़ किस्म का है। पिता के शिक्षक व मां के डाकघर में नौकरी करने के कारण उसकी शिक्षा धरहरा स्थित सीबीएसई स्कूल में हुई थी। कम समय में पहचान बनाने व पैसा कमाने की ललक में राज अपराध के दलदल में फंसता गया। पिता की मौत के बाद इस पर कोई रोक नहीं रह गई।
आरोप है कि अंडे के उधार रुपये वापस मांगने पर उसने दिव्यांग अंडा दुकानदार अजीत गुप्ता की मोहल्ले में गोली मारकर हत्या कर दी थी। राजनैतिक संरक्षण में कुछ वर्ष पूर्व अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बनकर गाड़ी पर भाजपा का झंड़ा लगाकर घूम रहा था। राज गृह ब्लॉक चिलकहर से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ना चाहता था, जिसकी तैयारी भी कर रहा था।
कोलकाता में 6 मई की रात मध्यमग्राम में चंद्रनाथ की हत्या को अंजाम दिया गया था। कोलकाता पुलिस हत्या के आरोपियों की तलाश में पांच दिन से बिहार और यूपी के पूर्वांचल के जिलों की खाक छान रही थी। पीए की हत्या के लिए शूटरों का इंतजाम करने और संसाधन मुहैया कराने में राज सिंह की भूमिका सामने आने पर उसे गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को सोमवार को उत्तर 24 परगना जिले की बारासात कोर्ट ने पेश किया। कोर्ट ने सभी को 13 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
अंडा दुकानदार का परिवार
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राज सिंह सात मई को लखनऊ में आयोजित एक एमएलसी की बेटी की शादी में मां व दोस्तों के साथ गया था। पुलिस के अनुसार, इस दौरान राज ने अयोध्या-बस्ती के एक टोल प्लाजा पर यूपीआई पेमेंट से टोल टैक्स दिया था। हत्याकांड के आरोपियों ने फरार होने के दौरान इसी यूपीआई से एक टोल प्लाजा पर भुगतान किया था। जांच एजेंसी ने टोल प्लाजा पर किए गए भुगतान से पहचान होने पर पुलिस ने राज को हिरासत में लेकर कोलकाता पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि राज इससे पहले कोलकाता कब गया था।
अंडा दुकानदार के पिता ने राज को फांसी की सजा देने की मांग की
शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या में गिरफ्तार राज सिंह पाक साफ नहीं है। 13 अक्तूबर 2020 को सदर कोतवाली क्षेत्र के आनंद नगर मोहल्ले में राज सिंह, गोविंदा और पंकज शर्मा बुलेट से आए थे। आरोप है कि दो लोगों ने पैर से दिव्यांग अजीत गुप्ता को पकड़ा और राजसिंह ने उसके पेट में गोली मार दी थी। अजीत ने 50 रुपया उधार वापस मांगे थे। अंडा दुकानदार के पिता पारस नाथ गुप्ता, बेटे अजीत के साथ हुई घटना को याद करते हुए रो पड़े।
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उन्होंने कहा कि पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के आरोपी राज सिंह का एनकाउंटर किया जाए या उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए। कहा कि राज सिंह गुंडा है। राजनीतिक संरक्षण के कारण उस पर पुलिस ने कठोर कार्रवाई नहीं की, सिर्फ मुकदमा दर्ज कर खानापूर्ति की। वह मुकदमे में सुलह के लिए लगातार दबाव बना रहा था। उसके डर से रास्ता बदल देता था, परिवार के लोग उधर नहीं जाते थे। मोहल्ले वासी उससे डरते थे, राजनैतिक लोगों का उसके यहां आना-जाना था, जिसके बल पर वह गुंडई करता था। बेटे की मौत के बाद उसकी 13 वर्षीय बेटी और परिवार के अन्य सात सदस्यों के भरण पोषण की जिम्मेदारी मेरे बूढ़े कंधों पर है। किसी तरह परिवार का भरण पोषण करता हूं।