शहर से सटे जेपीनगर नयी बस्ती मोहल्ले में कमरे में बंद महिला कर्मचारी का शव गत 15 दिसंबर को मिला था। मामले में पुलिस अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी।
बुधवार सुबह पुलिस ने मृत महिला के दूसरे पति को मुखबिर की सूचना पर नगर स्थित रोडवेज बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर चलान कर दी।
नगरा थाना क्षेत्र के विशुनपुरा गांव निवासी उर्मिला (40) सिंचाई विभाग में चतुर्थ श्रेणी के पद पर तैनात थी। वह शहर कोतवाली क्षेत्र के जेपी नगर नई बस्ती में किराए के कमरे में अकेले रहती थी।
महिला जब लगातार तीन दिन तक अपने कार्यालय नहीं पहुंची, तो उसके विभाग के अधिकारियों ने उसके नहीं आने का कारण कर्मचारियों से पूछा था। साथ ही दो कर्मचारियों को उसके घर पर भेजा। वहां उसके कमरे में जाकर देखा गया तो कमरा बाहर से बंद था लेकिन कमरे के अंदर से बदबू आ रही थी।
घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह दरवाजा खोलकर देखा तो महिला विस्तर पर मृत पड़ी थी।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए भेज दिया। बता दें कि उर्मिला की पहले शादी हो चुकी थी। उसके पहले पति का नाम ब्रजेश प्रजापति था।
घटना के बाद अंत्य परीक्षण के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी। बुधवार सुबह पुलिस ने नगर के रोडवेज बस स्टैंड के पास से
मुखबिर की सूचना पर मृत महिला के दूसरे पति गाजीपुर जिले के मलेड़ी थाना क्षेत्र के दुल्लहपुर निवासी धनंजय प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही पूछताछ के बाद संबंधित धाराओं में चालान कर दिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उर्मिला के पति का निधन हो गया था और इधर मेरी पत्नी का निधन हो गया था। लोगों के कहने पर हमने शादी कर लिया।
बताया कि पत्नी मुझे अपना वेतन नहीं देती थी।
मैं कर्जदार हो गया था। कर्ज चुकता करने के लिए अमृतसर में काम करने गया लेकिन वह साथ रहने का दबाव बनाती थी और दूसरी शादी के लिए धमकी देती थी।
इससे मजबूर होकर हत्या करनी पड़ी। उधर, पुलिस के इस पर्दाफाश की नगर में हर जगह चर्चा हो रही है।