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Ballia News: लापरवाही की हद; चार सौ स्कूलों में बने किचन गार्डन सूख गए, नहीं हुई देख-रेख

Wed, 09 Apr 2025 07:55 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, बलिया

सार

सुंदरता के साथ कभी जो उदाहरण पेश कर रहे थे वो आज अभाव का शिकार हैं हम बात कर रहे हैं किचन गार्डेन की। स्कूलों में बने किचन गार्डेन इन दिनों खराब हालत में हैं। आलम ये है कि अब ये सूख रहे हैं और इनका पुरसा हाल लेने वाला कोई नहीं है।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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जनपद के 400 प्राथमिक, कंपोजिट और परिषदीय विद्यालयों में करीब 20 लाख रुपये से किचन गार्डन तैयार किए गए, लेकिन देखरेख के अभाव में किचन गार्डन सूख गए हैं। अधिकांश में घास-फूस उगे हैं। कहीं कहीं पर सब्जियों के नाम पर सिर्फ धनिया, पालक, मेथी ही उगी है।

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राज्य शासन ने सरकारी विद्यालयों में पौष्टिक आहार के लिए तहत हर विद्यालय को 5-5 हजार रुपये आवंटित किए गए। इस धनराशि से गार्डन में पौष्टिक सब्जियों व फलों के पौधों को लगाना व संरक्षण तक शामिल है। परिषदीय विद्यालयों में बने किचन गार्डन तैयार में हरी सब्जी के साथ फलदार पौधे भी लगाने थे।

ये योजना पांच सालों से संचालित हैं। ये गार्डन अब तक सब्जी व फलदार पेड़ नहीं बन सके हैं। हालत यह है कि गर्मी में अधिकांश स्कूलों के गार्डन सूख चुके हैं। गार्डन वीरान पड़ा है।
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पूरा नहीं हो पा रही मंशा
किचन गार्डन योजना के पीछे शासन की मंशा स्कूलों में पौष्टिक सब्जियां व फल के उत्पादन को बढ़ावा देना है। इससे बच्चों के बीच जैविक खेती और पर्यावरण के प्रति लगाव बढ़ाना भी था, लेकिन गार्डन के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति से बच्चों को सीख तक नहीं दी जा पा रही है।

स्कूलों में किचन गार्डन तैयार हैं। कई गार्डन बहुत ही अच्छी तरह संचालित हैं। उसको बढ़ाने के लिए तेजी से काम चल रहा है। - अजीत पाठक, डीसी, एमडीएम, बलिया।
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