जिला चिकित्सालय में प्राइवेट पर्ची देकर मरीजों से जांच के नाम पर वसूली का आरोप लगाते हुए छात्रनेताओं ने मंगलवार को जमकर हंगामा किया। एक स्वास्थ्य कर्मी पर आरोप लगाकर उसे बंधक बनाकर सीएमएस के पास ले गए और निलंबन की मांग करने लगे।
सीएमएस ने अपर स्वास्थ्य बातचीत के बाद जांच कर कार्रवाई की बात कही, इस पर सभी शांत हुए। हंगामे पर कोतवाल प्रभारी भी पहुंच गए थे। छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं की गई तो चिकित्सालय कार्य को सुचारु रूप से नहीं चलने देंगे।
छात्रनेता रिपुंजय रमण पाठक ने एक चिकित्सक के पास परेशान एक महिला को देखकर पूछा कि आपके साथ आए मरीज को क्या दिक्कत पर है। इस पर उसने बताया कि जिगनी निवासी उसके पिता मानिक की तबीयत खराब थी, जिसे चिकित्सक पास ले गई तो सरकारी पर्ची रखकर प्राइवेट पर्ची लिख दिया। डाक्टर ने प्राइवेट पर्ची पर खून और अन्य कई जांच लिखा है।
बताई कि वह जांच कराने के लिए स्वास्थ्यकर्मी के पास पहुंची तो उससे 50 रुपये वसूल लिया गया। जब छात्रनेता अन्य साथियों के साथ पर्ची लेकर उक्त चिकित्सक के पास पहुंचे तो वहां पर चिकित्सक छात्र नेताओं के उग्र रूप को देख प्राइवेट पर्ची को फाड़कर फेंक दिया।
बताया कि अन्य मरीजाें से भी 30 से 100 तक वसूले गए थे। इसके बाद छात्रनेताओं ने सीएमएस डा. केपी गर्ग को सूचना दी। जब सीएमएस नहीं पहुंचे तो उक्त स्वास्थ्यकर्मी को बंधक बनाकर सीएमएस के पास ले गए और तत्काल निलंबित करने की मांग की।
चेतावनी दी कि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन कर सकते हैं। उधर उक्त डाक्टर का कहना था कि छात्रनेता चुनाव के समय हमसे चंदा मांगने आए थे। नहीं देने पर उल्टा-सीधा आरोप लगा रहे हैं। इस मौके पर छात्र नेता प्रमिल पांडेय, राजीव रंजन, मानिकचंद्र गुप्ता, लक्ष्मी पंडित, अमन कुमार, प्रवीण वर्मा, दिलीप सिंह आदि मौजूद रहे।