बैरिया/जयप्रकाश नगर। मांझी-बकुल्हा रेलखंड के बीच रेलवे ट्रैक के किनारे झाड़ी में मंगलवार की सुबह 30 वर्षीय महिला की सिर कटी लाश निर्वस्त्र अवस्था में मिली। सूचना पर एसपी ओमवीर सिंह, एएसपी कृपाशंकर, सीओ फहीम कुरैशी मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल पर साक्ष्य जुटाए। महिला के पैर में पायल, दोनों पैर और कमर में काला धागा बंधा था।
बकुल्हा व मांझी रेलवे स्टेशन के बीच में रेलवे ट्रैक के किनारे झाड़ी में महिला की सिर कटी लाश मिली। महिला के शरीर पर सिर्फ अंडरवियर था। ट्रैक से गुजर रहे ग्रामीण ने शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। शरीर से गर्दन अलग थी। सामने से अन्य किसी स्थान पर चोट के निशान नहीं दिख रहे थे। सूचना पर चांद दियर चौकी प्रभारी श्याम प्रकाश मिश्र दल के साथ पहुंचे, उन्होंने शव के ऊपर कपड़ा डाला और घटना की सूचना आला अधिकारियों को दी। सीओ फहीम कुरैशी, थाना प्रभारी विपिन सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां से ग्रामीणों को हटाया। पुलिस टीम सिर की तलाश में जुट गई, कुछ दूरी पर सिर पड़ा मिला। इसकी खबर लगते ही मौके पर भारी भीड़ जुट गई।
पुलिस ने स्थानीय लोगों से शव की शिनाख्त करवाई, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। ग्रामीणों ने बताया कि शव को देखने से ऐसा लग रहा है कि सामूहिक दुष्कर्म के बाद पहचान के डर से हत्या करके शव को हादसे का रूप देने के लिए रेलवे ट्रैक के किनारे झाड़ियों में फेंक दिया गया है। अगर महिला ट्रेन से गिरती तो उसके शरीर पर कपड़ा होता। शरीर पर जख्म के निशान होते। शव एक-दो दिन पुराना लग रहा था। पैर में पाजेब व दोनों पैर और कमर में काला धागा बंधा था। घटना को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। एसपी ओमवीर सिंह ने घटनास्थल का मौका मुआयना कर सभी पहलुओं की जांच का निर्देश दिया।
दुर्घटना बताने में लगी रही पुलिस
बकुल्हा-मांझी के बीच रेलवे ट्रैक किनारे झाड़ी में मिले महिला के शव के पास पुलिस किसी को जाने नहीं दे रही थी। थाना प्रभारी विपिन सिंह ने कहा कि ट्रेन की चपेट में आने से महिला का शरीर क्षत विक्षत हो गया है। उसके पास कपड़ा भी है। सिर्फ शरीर पर चोट के निशान है। जबकि घटना की सूचना पर पहले पहुंचे ग्रामीणाें ने बताया कि शव नग्न अवस्था में झाड़ी में फेंका था। उसका सिर नहीं था। सामने से शरीर पर चोट के कोई निशान भी नहीं थे। घटना स्थल को देख को लग रहा था कि वहां कोई हलचल नहीं हुई है। घटना को किसी दूसरे जगह अंजाम देने के बाद शव को लाकर फेंक दिया गया है।
सुबह पुलिस को सूचना मिली कि रेलवे ट्रैक के किनारे महिला का शव मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह का पता चलेगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। ओमवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक।
11 महीने में सात शव मिले, नहीं हो सकी शिनाख्त
बैरिया /जयप्रकाश नगर। यूपी बिहार के सीमा क्षेत्रों में अक्सर शव मिलते हैं, जिनकी शिनाख्त नहीं हो पाती। अंत में पुलिस को पोस्टमार्टम कराने के बाद शव का दाह संस्कार करना पड़ता है। पिछले 11 महीने में तहसील के सीमा क्षेत्रों में महिला सहित सात से अधिक शव मिले हैं। इनकी पहचान और मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। हर वर्ष सात आठ शव मिल जाते हैं। बिहार के अपराधी घटना को अंजाम देकर रात में शवों को यूपी में लाकर फेंक देते हैं।
- दल छपरा हाल्ट स्टेशन के प्लेटफाॅर्म संख्या एक के पूर्वी छोर पर फरवरी में 40 वर्षीय महिला का शव मिला था। महिला की ट्रेन से कटकर मौत हुई थी। उसकी शिनाख्त नहीं हुई।
- यादव नगर बस्ती के पास एक 38 वर्षीय विवाहिता का शव मिला था। शव की शिनाख्त नहीं हो सकी।
- बैरिया थाना क्षेत्र के चांद दीयर पुलिस चौकी के पास एनएच-31 पकड़ी तर 11 जून को 28 वर्षीय युवक का शव मिला था। उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी।
- सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन के पूर्वी केबिन के पास 26 जून को 52 वर्षीय व्यक्ति का शव रेलवे ट्रैक किनारे मिला था। आज तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी।
- बकुलहा-सुरेमनपुर स्टेशनों के बीच 24 सितंबर को 35 वर्षीय युवक का शव रेलवे ट्रैक किनारे झाड़ी में मिला था। उसके शव की शिनाख्त नहीं हो सकी।
- दोकटी थाना क्षेत्र के दूबे छपरा गंगा तट पर 40 वर्षीय महिला का शव मिला था। शव की शिनाख्त नहीं हो सकी।
- बकुल्हा रेलवे के पूर्वी आउटर से 50 मीटर दूर अगस्त माह में एक 25 वर्षीय युवक का शव मिला था। शिनाख्त नहीं हुई।