बेल्थरारोड के चैनपुर ग्राम के पास सरयू नदी के पानी से हो रहा कटान।
- फोटो : BALLIA
बेल्थरारोड। अजीब सा लगता है, लेकिन सरयू नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में इन दिनों में कटान हो रहा है। चैनपुर गुलौरा और आसपास के क्षेत्रों में कटान से कृषि योग्य उपजाऊ भूमि कटकर नदी की जलधारा में विलीन हो रही है। किसानों के लिए जमीन बचाना मुश्किल हो गया है।
हर साल बाढ़ की विभीषिका और कटान का दंश झेल रहे ग्रामों का अस्तित्व खतरे में है। इसको लेकर तटवर्ती बाशिंदों में खलबली मच गई है। सरयू नदी के तटवर्ती क्षेत्र में तीव्र गति से हो रहे कटान से ग्रामीण परेशान हैं। खास तौर पर पिछले एक दशक के दौरान हजारों एकड़ कृषि भूमि कटान की भेंट चढ़ चुकी है। नदी और टीएस बंधे के बीच बने पांच स्पर के बावजूद कटान रुक नहीं पा रही है। टगुनिया चैनपुर के बीच टीएस बंधे के सामने तेजी से कटान हो रही है। पूर्व सांसद हरिनारायण राजभर का पैतृक घर भी डेंजर जोन में है। राजभर के घर से कुछ ही दूरी पर कटान हो रही है। गौरतलब है कि नदी के उस पार देवरिया जिले के बरहज में बने कटानरोधी ठोकर से टकराने के बाद नदी की जलधारा सीधे मुड़ते हुए इस पार बलिया जिले के तटवर्ती क्षेत्रों में पहुंचती है। इससे कटान हो रही है। अपनी आंखों के सामने किसान अपनी ही जमीन को नदी में समाहित होते देख चिंतित हैं। किसानों ने कटान से रोकथाम के लिए कटानरोधी ठोकर बनाने की मांग की है।