चिलकहर। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार की ओर से परिवार संतृप्तिकरण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत गांव-गांव और घर-घर सर्वे कर उन पात्र परिवारों की पहचान की जाएगी, जिनकी महिलाएं अभी तक स्वयं सहायता समूहों से नहीं जुड़ी हैं। इसके बाद पात्र महिलाओं को समूहों से जोड़कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
चिलकहर खंड विकास अधिकारी विनोद कुमार बिंद ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य हर पात्र महिला को स्वयं सहायता समूह से जोड़ना है, ताकि उन्हें रोजगार, बैंकिंग सुविधा, प्रशिक्षण और ऋण जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल समूह से जोड़ना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए अवसर उपलब्ध कराना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, हस्तशिल्प, सिलाई-कढ़ाई, जैविक उत्पाद और डिजिटल सेवाओं जैसी गतिविधियों से जुड़कर नियमित आय अर्जित कर सकती हैं। सर्वे के दौरान पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें उनकी जरूरत के अनुसार योजनाओं और समूहों से जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी बेहतर होगी।