बलिया। दवा व्यापारी अरुण गुप्ता को गोली मारने वाले बदमाश चार दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस संपत्ति विवाद, लेनदेन, पुराने विवाद व नाते-रिश्तेदारी के विवादों को खंगाल रही है। बिहार के एक रिश्तेदार की जांच कर रही है। जिनसे कुछ माह पूर्व विवाद हुआ था। पुलिस ने व्यापारी की लाइसेंसी रिवाॅल्वर की जांच कर फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए।
घायल अरुण गुप्ता से घटना के बाबत कई बिंदुओं पर पूछताछ की और सीसी कैमरे की फोटोज से हमलावरों की पहचान कराई। जिसके आधार पर आगे की जांच में जुटी है, जिसमें अहम सुराग मिले हैं। पुलिस ने 11 से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। घायल अरुण ने मीना बाजार स्थित ठाकुरबारी की करोड़ों रुपये की जमीन को अवैध तरीके से बेचने का विरोध करने व मुकदमा दर्ज कराने के विरोध में उन्हें गोली मारने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि मैंने एक वर्ष से रिवाॅल्वर से फायरिंग नहीं की है। अगर आरोपी जल्द गिरफ्तार नहीं हुए तो मुझ पर फिर से हमला कर सकते हैं। अरुण की बेटी पायल की तहरीर पर पुलिस ने चचेरे भाई अमित, रोहित, पूर्व नगर अध्यक्ष अभिषेक सोनी, अभिषेक कुमार सहित छह पर केस दर्ज कर पूछताछ कर रही है। इस कोतवाल योगेन्द्र बहादुर सिंह ने कहा कि छानबीन की जा रही है। संवाद