पेपर लीक मामले में बलिया के पत्रकारों पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के मुद्दे पर बुधवार को जिले की समाजवादी पार्टी भी सड़क पर उतर कर विरोध प्रगट किया और जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को दिया।
जिसमें उल्लेख किया है कि जनपद के पत्रकारों ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए परीक्षा के पेपर आउट की सूचना प्रकाषित किया था। जिस पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया जो सरासर गलत है। इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
बैठक को संबोधित करते हुए उत्तर पर सरकार के पूर्व मंत्री रामगोविंद चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार को लोकतंत्र तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं में कोई विश्वास नहीं है। पूंजीपतियों के इशारे पर खेलने वाली सरकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की जुबान को पुलिस और प्रशासन के बल पर बंद कराकर लोकतंत्र को पंगु बनाना चाहती हैं। जिसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा लीक मामले में अपनी नाकामियों को ढ़कने के लिए लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर कार्यवाही करना घोर निंदनीय है।
पेपर लीक मामले में फंसाए गए तीन पत्रकारों की रिहाई की मांग को लेकर बुधवार को संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जिले के पत्रकार, छात्र नेताओं और व्यापारी नगर के शहीद चौक के सामने धरना दिया तथा हस्ताक्षर अभियान चलाया। उन्होंने डीएम व एसपी को निलंबित करने की मांग की।
संकल्प संस्था के कलाकारों ने रंगकर्मी आशीष त्रिवेदी के नेतृत्व में गीत प्रस्तुत किया। मनोज चतुर्वेदी ने कहा कि जिला प्रशासन अपनी कारगुजारी को छुपाने के लिए हमारे तीन साथियों पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने का काम किया। जिसे कत्तई बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
अखिलानंद तिवारी ने कहा कि जिलाधिकारी को पूरे जनपद के कालेजों की लिस्ट है कि कौन कैसा कालेज है। बावजूद उन ब्लैकलिस्टेड कालेजों को परीक्षा केंद्र बनाने का काम किया और जब पत्रकारों ने उसे उजागर करने का काम किया तो उन्हें सलाखों में डाल दिया गया।
करूण सिंधु सिंह ने कहा कि बलिया के डीएम ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए बिना मुकदमा दर्ज किए पत्रकारों को गिरफ्तार कर जेल भेजने का काम किया। डीएम ने कहा कि बलिया में पर्चा नहीं खुला तो फिर पत्रकार की गिरफ्तारी किस आधार पर किया। नरेंद्र मिश्र ने कहा कि डीएम साहब ने तीन थानों में मुकदमा दर्ज कराकर पत्रकारों पर दबाव बनाना चाहा।
पेपर लीक मामले में फंसाए गए तीनों पत्रकारों की रिहाई के लिए मंगलवार को शहर में संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा के बैनर तले पत्रकारों, छात्र नेताओं और व्यापारियों ने रेलवे स्टेशन से कैंडल मार्च निकाला। मार्च उमाशंकर सेनानी चौक, फिर ओकडेनगंज पुलिस चौकी होते हुए टाउन हॉल रोड कासिम बाजार होते हुए चौक शहीद पार्क में जाकर समाप्त हुआ।