बैरिया। दोनों पैरों से दिव्यांग बिहार के कैमूर जनपद अंतर्गत कुदरा थाना क्षेत्र के दोकरी गांव निवासी 35 वर्षीय धर्मेंद्र कुमार सिंह ने 16 किमी की यात्रा कर बैरिया पहुंचा।
धर्मेंद्र मुंबई के कल्याण स्थित एक पावर प्लांट में दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करता था। कोरोना के चलते काम बंद हो जाने के बाद ठेकेदार ने एक ट्रक से उसे अन्य मजदूरों के साथ बिहार के बक्सर सीमा पर छोड़ने को कहा लेकिन ट्रक चालक ने गलती से उसे मांझी (छपरा) सीमा पर उतारकर बुधवार को चला गया। किसी तरह घसीटते हुए पूरे दिन सड़क के किनारे-किनारे चलने के बाद दिव्यांग अपराह्न में बैरिया पहुंचा जहां पुलिस सहायता केंद्र पर तैनात सिपाही विनोद कुमार यादव व अन्य ने उसे भोजन कराया, पानी पिलाया और उसके बाद एक वाहन से उसे बलिया भेजवा दिया। वहां से वह बक्सर जाएगा। चलने फिरने में पूरी तरह असमर्थ धर्मेंद्र का अकेला सफर उसे मंजिल तक कैसे पहुंचाएगा, यह चिंतनीय है क्योंकि बैरिया से भी उसका घर लगभग 200 किमी दूर है। जब उससे पूछा गया कि आपको यही कहीं क्वारंटाइन करा दिया जा रहा है, अपने घर के लोगों को बुलाकर चले जाओ, तो उसने बताया कि घर में अकेले मैं कमाने वाला बालिग हूं। बाकी बूढ़ी मां, पत्नी व दो छोटे-छोटे बच्चे परिवार में है। कहा कि ऊपर वाले की कृपा हुई तो मुंबई से एक हजार किमी दूर यहां तक आ गए तो यहां से भी किसी तरह अपने गांव पहुंच ही जाएंगे।