बलिया। लगातार दूसरे दिन केबल जलने से जिला अस्पताल की बिजली आपूर्ति बाधित हुई। बुधवार को जहां दो घंटें, वहीं बृहस्पतिवार को चार घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित रही। इमरजेंसी, मेडिकल, हड्डी, सर्जिकल वार्ड, ट्राॅमा सेंटर में भर्ती 105 मरीज गर्मी में बेहाल रहे। तीमारदार हाथ वाले पंखा, कार्टून व कपड़े से हवा करते रहे।
सीटी स्कैन, डीजिटल एक्सरे व पैथाेलाॅजी की जांच भी प्रभावित रही। सबसे ज्यादा परेशानी बर्न वार्ड व सेफ्टीक वार्ड के मरीजों की रही। बिजली के अभाव में ऑक्सीजन सप्लाई एक घंटे बंद रही। हालांकि आपातकाल की स्थिति में ऑक्सीजन सिलिंडर मौजूद थे। लाइनमैन व अस्पताल कर्मचारियों ने अथक प्रयास कर केबल मरम्मत कर तीन बजे तक आपूर्ति चालू कर दी।
बृहस्पतिवर की सुबह ओपीडी खुली तो करीब दस बजे के आसपास लोड बढ़ने से एक फेस की सप्लाई बंद होने से इमरजेंसी, मेडिकल वार्ड, ट्राॅमा सेंटर, ओपीडी की सप्लाई बंद हो गई। जनरेटर से इमरजेंसी सेवा बहाल की गई।
दोपहर बाद केबल जोड़ने के लिए सब स्टेशन की मुख्य आपूर्ति बाधित की गई। रिटर्न करंट से बचने के लिए जनरेटर भी बंद रहा। दोनों अस्पताल, कर्मचारी आवास और सीएमओ कार्यालय में आपूर्ति ठप हो गई। महिला अस्पताल में जनरेटर से सप्लाई चालू कर इमरजेंसी सुविधा चालू की गई। बिजली के अभाव में सीएमओ कार्यालय का काम काज ठप रहा। जनरेटर न होने से सभी कार्यालय के इनवर्टर भी बैठ गए।
इस बाबत सीएमएस डॉक्टर सुजीत यादव ने कहा कि केबल में फाॅल्ट से कुछ देर के लिए आपूर्ति बाधित रही। केबल जोड़ने के बाद आपूर्ति चालू कर दी गई। ओवरलोड खत्म करने के लिए बिजली निगम को पत्र दिया गया है।