बलिया। हर विवाहिता की अंतिम इच्छा होती है कि वह ससुराल के आंगन से पति के कंधे पर श्मशान घाट जाए। ऐसी ही इच्छा को पूरा करने के लिए एक भाई बहन का शव लेकर ससुराल पहुंचा। लेकिन ससुराल वालों ने दाह संस्कार से इन्कार कर दिया। इसको लेकर काफी देरतक कहासुनी व पंचायत होती रही।
पुलिस के समझाने बुझाने के बाद ससुराल वाले दाह संस्कार को तैयार हुए। शहर के सतनी सराय निवासी अनीषा गुप्ता (23) वर्ष की मौत तबीयत खराब होने से शनिवार को वाराणसी में हो गई। भाई अभिषेक गुप्ता ने आरोप लगाया कि बहन अनीषा की शादी वर्ष 2024 में सतनी सराय निवासी रवि गुप्त से हुई थी।
ससुराल वाले दहेज को लेकर बहन को प्रताड़ित करने से बहन मानसिक रूप से बीमार हो गई। पिछले पांच माह से मायके में रह रही थी। ससुराल वाले इलाज नहीं करवा रहे थे। मोहल्ले के लोगों से चंदा लेकर बहन का किसी तरह इलाज करवा रहा था। 27 दिसंबर को वाराणसी में मेरी बहन की मौत हो गई।
रविवार की सुबह शव लेकर ससुराल पहुंचे तो ससुराल वालों ने शव लेने से इन्कार कर दिया। इस बाबत कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी ने बताया कि विवाहिता की मौत पर ससुराल वाले डर के मारे दाह संस्कार से इन्कार कर रहे थे।
समझाने बुझाने पर दाह संस्कार के लिए तैयार हो गए। पोस्टमार्टम के बाद दाह संस्कार किया।