फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगर के दो पार्कों की जल्द बदलेगी सूरत

Mon, 20 Mar 2017 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो /बलिया
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
जनपद के नगरीय इलाकों में पुराने जमाने के ही गिनती के पार्क हैं और वह भी बदहाल पड़े हैं। हालांकि शहर के चंद्रशेखर उद्यान व आवास विकास कालोनी स्थित पार्क को संवारने का काम शुुरु किया गया है। इन दोनों पार्कों में चंद्रशेखर उद्यान को नगर पालिका और आवास विकास कालोनी स्थित पार्क को केंद्र सरकार की योजना के तहत          मिली मदद से संवारा जाएगा। शहरवासियों के लिए नगर से करीब सात किलोमीटर दूर वन विभाग की ओर से बने जनेश्वर मिश्र पार्क ही सहारा है।
विज्ञापन

जिले के नगरीय क्षेत्रों में कुल 18 पार्क हैं। लेकिन सभी पार्क पुराने जमाने के हैं। बताया जाता है कि इन पार्कों की स्थापना करीब पांच दशक पहले ही की गई थी। आज इन पार्कों की दशा इस कदर बदहाल है कि कोई भी व्यक्ति पार्क की ओर जाता तक नहीं है। शहर में दशकों पहले पहने बना एकमात्र शहीद चौक पार्क है। शहर के बीचोबीच होने के कारण इसका लाभ नगरवासियों को मिलता लेकिन इसके विकास को लेकर कभी प्रयास नहीं किए गए। शहर के चंद्रशेखर नगर कालोनी में पार्क के सुरक्षित की गई जमीन पर आज तक पार्क का निर्माण नहीं हो सका। आवास विकास कालोनी में पार्क का निर्माण तो किया गया लेकिन रखरखाव के अभाव में यह भी बदहाल हो चुका है। हालांकि इस पार्क को संवारने के लिए भारत सरकार की ओर से 38 लाख की स्वीकृति मिली है। इसके अलावा नगर में पार्कों में अहमियत को देखते हुए कलक्ट्रेट स्थित चंद्रशेखर उद्यान को विकसित करने का काम नगरपालिका की ओर से शुुरु किया गया है। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि चंद्रशेखर उद्यान का विकास करीब तीन करोड़ की लागत से किया जा रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि शहर में कालोनियों के निर्माण के दौरान ही पार्क के लिए स्थान को सुरक्षित किया जाता है, लेकिन ऐसा नहीं होने के कारण शहर में कायदे की कोई पार्क नहीं है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में जहां-तहां पार्क तो बने हैँ लेकिन रखरखाव के अभाव में यह पार्क        भी बदहाल पड़े हैं। बतौर उदाहरण बिहार व यूपी के सीमावर्ती गांव भरौली के चौराहे पर वर्ष 1977      में स्वामी सहजानंद पार्क की नींव रखी गई। शुरु से लेकर अब तक इस पार्क के विकास को लेकर कई बार लाखों की धनराशि भी खर्च की गई लेकिन आज भी यह पार्क बदहाल पड़ा है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें